गोरखपुर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह बनारस कोविड-19 कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों के साथ बैठक कर तड़के अचानक गोरखपुर आने का कार्यक्रम सुनिश्चित कर दिया गोरखपुर आने की सूचना पर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए तत्काल अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से अवगत होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित इंडिकेटेड कंट्रोल रूम व
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट कॉलेज में बनाए गए लेवल 2 अस्पताल में 100 बेड के कोविड-19 का की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित इंडिकेटेड कंट्रोल रूम व वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाए गए लेवल -2 के 200 बेड़ो का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमण से निजात मिलने के बाद एक्शन में दिखाई दे रहे हैं शनिवार को मुरादाबाद व बरेली जनपद का कोरोना इंडिकेटेड सेंटर व अस्पतालों का मुख्यमंत्री योगी निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया था आज सुबह बनारस कोरोना इंडिकेटेड सेंटर व अस्पतालों का निरीक्षण करने के बाद गोरखपुर कलेक्ट्रेट स्थित कोविड-19 इंडिकेट सेंटर का निरीक्षण कर वहां मौजूद कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति से अवगत होते हुए संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट कॉलेज में बनाए गए लेवल-2 के महिला छात्रावास में 150 बेड़ व स्पोर्ट्स कॉलेज के मेश् व डायनिंग हॉल में 50 बेड़ो का निरीक्षण कर आवश्यक संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती होने वाले हर कोविड-19 के मरीजों को सभी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए किसी भी दशा में किसी भी कोरोना मरीज की मृत्यु नहीं होनी चाहिए सभी को समुचित व्यवस्थाओं के साथ दवा उपलब्ध रहनी चाहिए जिसका संबंधित अधिकारीगण ध्यान दें हर कोविड-19 मरीज को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराई जाए चाहे वह होम आइसोलेशन में हो या प्राइवेट अस्पताल या सरकारी अस्पतालों में किसी भी मरीज को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होना चाहिए यह सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि हर कोरोना मरीजों को बचाने की हमारी पहली प्राथमिकता है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश- दिया कि
कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सभी नागरिकों को वैक्सीन का सुरक्षा कवर प्रदान किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक टीकाकरण करने वाला राज्य है। अब तक 1,37,22,160 डोज लगाए जा चुके हैं। 18-44 आयु वर्ग के 1,17,327 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। अब सोमवार से 11 नए जिलों सहित कुल 18 जनपदों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण संचालित होगा। वैक्सीन वेस्टेज को शून्य रखने के लक्ष्य के दृष्टिगत टीकाकरण के लिए ऑनलाईन पंजीयन व्यवस्था के साथ ही संबंधित लोगों से एक-दो दिन पूर्व संपर्क कर लिया जाए। लोगों के उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधि गण भी टीकाकरण केंद्रों पर व्यवस्था का निरीक्षण करें।भविष्य की चुनौतियों के दृष्टिगत चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए नियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल/पैरामेडिकल अंतिम वर्ष इंटर्न प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके युवा सेवानिवृत्त अनुभवी लोगों की सेवाएं ली जानी चाहिए। इस संबंध में चयन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री स्तर से इसकी विस्तृत समीक्षा कर ली जाए।प्रदेश में रेमेडेसीवीर सहित जीवनरक्षक मानी जा रही सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। भारत सरकार ने 16 मई तक के लिए 04 लाख 95 हजार वॉयल आवंटित किए गए हैं। सरकारी कोविड अस्पतालों में यह इंजेक्शन पूर्णतः निःशुल्क है। निजी अस्पतालों को जरूरत के अनुसार डीएम/सीएमओ द्वारा इसकी उपलब्धता कराई जा रही है। जिलाधिकारी और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि जब भी किसी मरीज को यह इंजेक्शन दिया जाए तो वहां नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ एक चिकित्सक भी उपस्थित हो। इस जीवनरक्षक दवा की मांग, आपूर्ति और खपत का पूरा विवरण रखा जाए। कोविड संक्रमण से ग्रस्त ज्यादातर लोग समुचित चिकित्सकीय परामर्श से होम।आइसोलेशन में रहते हुए ही स्वस्थ हुए हैं। बहुत कम संख्या ऐसी है जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत होती है। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को मेडिकल किट समय से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। कतिपय जिलों में स्थिति में सुधार की बहुत आवश्यकता है। आइसीसीसी और सीएम हेल्पलाइन हर दिन ऐसे मरीजों से संवाद स्थापित करे। होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए टेलीकन्सल्टेशन व्यवस्था को और बेहतर किए जाने की जरूरत है।

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