झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस ट्वीट पर वाकयुद्ध शुरू हो गया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टेलीफोन बातचीत के दौरान केवल ‘मन की बात’ करने का आरोप लगाया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री को कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्या मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ”हेमंत सोरेन जी, शायद अपने पद की गरिमा को भूल गए हैं। कोरोना से उत्पन्न स्थिति को लेकर देश के PM पर कोई बयान देते समय उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस महामारी का अंत सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए अपने मन की भड़ास PM पर निकालना निंदनीय है।”

उन्होंने आगे कहा, ”केंद्र सरकार ने कोरोना संकट काल में जहां ग़रीबों और ज़रूरतमंदों के लिए खज़ाने खोल दिए हैं, वहीं झारखंड सरकार ने, अपने खज़ाने का मुंह बंद कर रखा है। हेमंत सोरेन जी चाहते हैं कि हर काम केंद्र सरकार करे। कोरोना से लड़िए, PM से नहीं!

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि नाराजगी गलत है। यह इंगित करने में कुछ भी गलत नहीं है कि महामारी पर विनम्र बात करने का समय खत्म हो गया है और पीएम मोदी से टीकों और दवाओं के बारे में निर्णायक कार्रवाई पर बात करने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि गुरुवार रात पीएम मोदी ने हेमंत सोरेन से राज्य की कोविड-19 स्थिति के बारे में बात की। बातचीत के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कहा कि पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान केवल “मन की बात” की। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, “बेहतर होता कि वे महत्वपूर्ण मामलों पर सुनते और बोलते।”

सोरेन पर सीएम पद की गरिमा का अपमान करने का आरोप लगाते हुए असम बीजेपी नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि ट्वीट से राज्य की पीड़ा का मजाक उड़ाया गया है, जिसके बारे में पीएम चिंतित हैं और उन्होंने स्थिति की जानकारी लेने के लिए फोन किया गया था।

असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल ने सोरेन के ट्वीट को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और कहा कि हेमत सोरेन का ट्वीट दुर्भाग्यपूर्ण है।वह केवल इस मामले पर राजनीति करना चा रहे हैं। पीएम मोदी का हर प्रयास और कार्य केवल जनता और राष्ट्र के लिए है।

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