प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज टेलीफोन पर ऑस्ट्रेलिया के माननीय एमपी, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के साथ बात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया की सरकार और जनता के द्वारा बड़े पैमाने पर त्वरित एवं उदार सहायता देने के लिए उनकी प्रशंसा व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने वैश्विक स्तर पर कोविड से निपटने के लिए टीके एवं दवाओं कीसस्ती और न्यायसंगत पहुंच को सुनिश्चित करने की जरूरत पर सहमति व्यक्त की।इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने ट्रिप्स के तहत एक अस्थायी छूट के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा डब्ल्यूटीओ में की गई एक पहलपरऑस्ट्रेलिया का समर्थन मांगा।

दोनों नेताओं ने 4 जून, 2020 को आयोजित वर्चुअल सम्मेलन के बादभारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति पर ध्यान दिया और आगे सहयोग को मजबूत करने एवं लोगों से लोगों के बीच संबंध को प्रोत्साहन देने के तरीकों पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की और एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था एवं एक मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक साथ काम करने के महत्व को दोहराया।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया केमाननीय एमपी, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच फोन पर बातचीत हुई

Posted Date:- May 07, 2021

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज टेलीफोन पर ऑस्ट्रेलिया के माननीय एमपी, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के साथ बात की।प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 की दूसरी लहर के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया की सरकार और जनता के द्वारा बड़े पैमाने पर त्वरित एवं उदार सहायता देने के लिए उनकी प्रशंसा व्यक्त की।दोनों नेताओं ने वैश्विक स्तर पर कोविड से निपटने के लिए टीके एवं दवाओं कीसस्ती और न्यायसंगत पहुंच को सुनिश्चित करने की जरूरत पर सहमति व्यक्त की।इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने ट्रिप्स के तहत एक अस्थायी छूट के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा डब्ल्यूटीओ में की गई एक पहलपरऑस्ट्रेलिया का समर्थन मांगा।दोनों नेताओं ने 4 जून, 2020 को आयोजित वर्चुअल सम्मेलन के बादभारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति पर ध्यान दिया और आगे सहयोग को मजबूत करने एवं लोगों से लोगों के बीच संबंध को प्रोत्साहन देने के तरीकों पर चर्चा की।दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की और एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था एवं एक मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक साथ काम करने के महत्व को दोहराया।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *