अपने पुराने गढ़ कांधार में महीनों तक भीषण संघर्ष के बाद तालिबानी आतंकवादियों ने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े बांध पर कब्जा कर लिया है। आतंकी संगठन और अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि दाहला बांध कई नहरों के जरिए सिंचाई और प्रांतीय राजधानी को पीने का पानी उपलब्ध करता है और अब इस पर तालिबान का नियंत्रण हो गया है।

तालिबान के प्रवक्ता कारी यूसुफ अहमदी ने एफपी को बताया, ”हमने अरघानदाब में दाहला बांध पर कब्जा कर लिया है। पड़ोसी जिले के गवर्नर हाजी गुलबुद्दीन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बांध पर तालिबान का नियंत्रण हो गया है। उन्होंने कहा, ”हमारे सुरक्षाबलों ने और अधिक बलों की मांग की, लेकिन वे इसे पाने में असमर्थ रहे।”

बांध पर कब्जे की यह घटना पिछले सप्ताह पड़ोस के हेलमंद प्रांत में हुई झड़पों के बाद और अमेरिकी सैनिकों की वापसी के कुछ दिन पहले हुई है। कांधार जल विभाग के प्रमुख तूरयालय माहबूबी ने कहा तालिबान ने हाल ही में दाहला कर्मचारियों को काम पर ना जाने की धमकी दी थी।  

पिछले महीने तालिबान ने पड़ोस के जिले से बांध को जोड़ने वाले पुल को उड़ा दिया था। इस बांध का निर्माण करीब 70 साल पहले अमेरिका ने किया था। कांधार के सात जिलों में इससे सिंचाई की जाती है। 2019 में एशियन डिवेलपमेंट बैंक ने इसके लिए 350 मिलियन डॉलर का फंड भी मंजूर किया था। आसपास के जिलों में पिछले छह महीने से भीषण लड़ाई चल रही है। लेकिन अधिकारियों ने अप्रैल में घोषणा की थी कि इलाका मुक्त हो चुका है।  

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