बिजली बोर्ड ने एक साल पहले स्वर्ग सिधार चुके जूनियर इंजीनियर को एसडीओ के पद पर पदोन्नति दे दी है। इससे बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गत दिवस डिप्लोमा होल्डर 9 जेई को पदोन्नत कर सहायक अभियंता बनाया गया। इसमें राज कुमार वर्मा का नाम भी शामिल है। पिछले वर्ष उनका स्वर्गवास हुआ है। विभाग की लचर कार्यप्रणाली के तहत उन्हें अभी भी जीवित दिखाया जा रहा है।

नई दिल्ली, बिजली बोर्ड ने एक साल पहले स्वर्ग सिधार चुके जूनियर इंजीनियर को एसडीओ के पद पर पदोन्नति दे दी है। इससे बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गत दिवस डिप्लोमा होल्डर 9 जेई को पदोन्नत कर सहायक अभियंता बनाया गया। इसमें राज कुमार वर्मा का नाम भी शामिल है। पिछले वर्ष उनका स्वर्गवास हुआ है। विभाग की लचर कार्यप्रणाली के तहत उन्हें अभी भी जीवित दिखाया जा रहा है।

मई 2020 में भी सुदेश कुमार नाम के मृत व्यक्ति को पदोन्नत कर सहायक अभियंता बना दिया गया था। किसी भी पद पर कर्मचारी की पदोन्नति से पहले सभी नियमों को और रिकॉर्ड की जांच पड़ताल होती है। आम जनता में भी इस प्रकार के कार्यों से बोर्ड की फजीहत हो रही है। दूसरी तरफ, कई लोग पिछले कई वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे हैं। इनके बारे में बोर्ड कोई सुध नहीं ले रहा।

वरिष्ठ अधिशासी अभियंता बड़सर इंजीनियर वतन सिंह ने कहा कि उक्त जेई बड़सर मंडल के अंतर्गत ही कार्यरत थे। वे स्वर्ग सिधार चुके हैं। इसकी सूचना बोर्ड कार्यालय को दे दी गई थी। उधर, बोर्ड की अंडर सेक्रेटरी लीला चौहान ने कहा कि इस बारे में छानबीन की जा रही है कि गलती किस स्तर पर हुई है।

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