पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को ममता बनर्जी सरकार ने 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। ममता बनर्जी ने राहत का ऐलान करते हुए कहा कि यह रकम बिना किसी भेदभाव के वितरित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। ममता बनर्जी ने कहा, ‘बीजेपी के नेता घूम रहे हैं और लोगों को उकसा रहे हैं। अभी नई सरकार को बने 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और वे लेटर भेज रहे हैं। टीमें भेज रहे हैं और नेता यहां आ रहे हैं। दरअसल बीजेपी जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। मैं उन लोगों से अपील करती हूं कि वे जनता के आदेश को स्वीकार करें।’

2 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही हिंसा का दौर जारी है। बीजेपी का दावा है कि चुनाव के बाद शुरू हुई हिंसा में उसके 14 कार्यकर्ता मारे गए हैं। बीजेपी के दावे पर जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा, ‘मैं देख सकती हूं कि राज्य में हिंसा भड़काने के लिए कुछ केंद्रीय मंत्री आ रहे हैं, जबकि राजनीतिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक है। हमेशा चुनाव के बाद कुछ अप्रिय घटनाएं होती रहती हैं। इसीलिए मैंने इलेक्शन में जीत के बाद किसी भी तरह के उत्सव को न मनाने का ऐलान किया था।’ 

ममता बनर्जी ने कहा कि नई सरकार का गठन हुए 24 घंटे भी नहीं बीते हैं और यहां लेटर भेजे जा रहे हैं और केंद्रीय मंत्रियों की टीमें आने लगी हैं। बीजेपी के आरोपों पर जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें कूचबिहार में ज्यादा सीटें मिली हैं और वे उसे हजम नहीं कर पा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि देश में लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है और बीजेपी के नेता यहां आ रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी के लोग तब नहीं जाते, जब हाथरस कांड होता है। लेकिन वे ही लोग बीजेपी में टीमें भेज रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, ‘मेरा यह कहना है कि जो भी लोग बाहर से आ रहे हैं, उनका आरटीपीसीआर टेस्ट होना चाहिए। भले ही वे लोग केंद्रीय मंत्री ही क्यों न हों।’

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