यह दिशा निर्देश 2 जुलाई 2020 को जारी दिशा निर्देश को की जगह होगा।

इस दिशा निर्देश के मुताबिक बिना लक्षण वाले मामले वो हैं जो जांच में पॉजिटिव आये हैं लेकिन उन्हें कोई लक्षण नहीं है और कमरे कज हवा में उनका ऑक्सीजन saturation 94% है।
Clinically पहचाने गए हल्के लक्षण वाले मामले वो हैं, जिन्हें ऊपरी श्वांस नली में समस्या हो और / या बुखार हो, सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं हो और कमरे की हवा में ऑक्सिजन saturation 94% हो।

इन हल्के और बिना लक्षण वाले मामलों को होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिये यदि….

  1. उनके घर में सेल्फ आइसोलेशन और परिवार के सदस्यों के quarantin के लिए पर्याप्त जगह हो।
  2. एक देख भाल करने वाला व्यक्ति हमेशा मौजूद हो। पूरे आइसोलेशन पीरियड के लिए देखभाल करने वाले और अस्पताल के बीच संपर्क बना होना चाहिये।
  3. वैसे मरीज जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दिल की बीमारी, क्रोनिक फेफड़े, लिवर, किडनी और सरेबरो वैस्कुलर बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें होम आइसोलेशन में इलाज कर रहे डाक्टर द्वारा जांच किये जाने की अनुमति के बाद ही रखा जाना चाहिये।
  4. एचआइवी, अंग प्रत्यारोपण और कैंसर थेरेपी के मरीजों को होम आइसोलेशन में रखे जाने की सलाह नहीं दी जाती है। इलाज कर रहे डॉक्टर द्वारा पूरी तरह से जांच के बाद ही होम इसोलशन की अनुमति दी जाएगी।
  5. ऐसे मरीज की देखभाल करने वाले और सभी नजदीकी संपर्क को protocol के मुताबिक hydroxychloroquine दिया जाना चाहिये।

मरीज के लिये सलाह….

  1. मरीज को परिवार के दूसरे सदस्यों खासकर बुजुर्गों और अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों से दूर रहना चाहिए।
  2. मरीज का कमरा हवादार होना चाहिए
  3. मरीज को हमेशा 3 लेयर का मास्क पहनना चाहिए, 8 घन्टे बाद या गिला हो जाने पर मास्क बदल लेना चाहिये
  4. Caregiver को कमरे में प्रवेश के समय N95 मास्क पहनना चाहिए, मरीज को भी उस समय N95 पहनना चाहिये।
  5. मास्क को 1% sodium hypochlorite से disinfect करके ही फेंकना चाहिये।
  6. मरीज को पूरा आराम करना चाहिये और पर्याप्त पानी पीना चाहिये।।
  7. हाथों की स्वछता का पूरा ख्याल रखना चाहिये।
  8. व्यक्तिगत चीजों को किसी दूसरे से साझा न करें
  9. बार बार छूए जाने वाले चीजों को 1% hypochlorite solution से साफ किये जाने की जरूरत है।
  10. पल्स ऑक्सीमीटर से oxygen saturation और शरीर के तापमान की जांच मरीज खुद से अवश्य करें।
  11. किसी भी तरह की गिरावट आने पर तुरंत डॉक्टर को रिपोर्ट करें।

देखभाल करने वाले के लिए निर्देश….

  1. ट्रिपल लेयर मेडिकल मास्क पहने, मरीज के कमरे में जाने पे N95 पहने।
  2. मास्क के सामने के हिस्से का स्पर्श न करें और मास्क को ऊपर बताए गए अवधि या निर्देश के अनुसार बदलें और डिस्कार्ड करें।
    3.अपने चेहरे, मुंह और नाक को छूने से बचें हाथों की सफाई नियम से करते रहें
  3. मरीज के body fluid से सीधे संपर्क में आने से बचें
  4. मरीज की देखभाल के समय दस्ताने का उपयोग करें और इसके बाद हाथ साफ कर लें
  5. मरीज के कपड़ों और अन्य वस्तुओं के संपर्क में आने से बचें
  6. Biomedical waste को नियमानुसार डिस्पोज़ करें होम आइसोलेशन में मरीज का इलाज…
  7. डॉक्टर के संपर्क में रहें
  8. पहले से अन्य बीमारियों के लिए चल रही दवाओं को डॉक्टर की परामर्श से जारी रखें
  9. बुखार, नाक बहने और खांसी के लक्षणों का प्रबंधन करें
  10. दिन में दो बार गर्म पानी से गरारे और भांप ले सकते हैं
  11. यदि paracetamol 650 mg चार बार दिए जाने के बाद भी बुखार नियंत्रण में नहीं है तो डॉक्टर से संपर्क करें
  12. Ivermectin 200mcg/kg दिन में एक बार खाली पेट 3 से 5 दिन तक लिया जा सकता है।
  13. यदि 5 दिन से ज्यादा बुख़ार रहता है तो inhaler के माध्यम से Inhalational Budesonide दिन में दो बार 5-7 दिनों के लिए दिया जा सकता है।
    8.Remdesvir या किसी अन्य inveatigational therapy का निर्णय किसी डॉक्टर द्वारा ही लेना चाहिये। खुद से ये न लें और न ही खरीद के घर पर रखें।
  14. हल्के लक्षण में स्टेरॉयड नहीं दिया जाना चाहिये। यदि 7 दिन बाद भी लक्षण रहता है तो डॉक्टर की सलाह से low dose oral steroid दिया जा सकता है।

Medical attention की जरूरत कब है…

  1. सांस लेने में तकलीफ
  2. कमरे की हवा पर oxygen saturation में गिरावट, 94% से नीचे
  3. छाती में लगातार दर्द या दवाब
  4. Mental confusion या उठने में असमर्थता

होम आइसोलेशन कब खत्म करें….

लक्षण शुरू होने से 10 दिन बाद होम आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं यदि पिछले 3 दिनों से बुख़ार नहीं आया हो। होम इसोलशन खत्म होने के बाद जांच की जरूरत नहीं है।

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