देश में कोरोना वायरस से मचे तांडव के बीच चुनाव आयोग ने एक और फैसला लिया है। पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के लिए 2 मई को होने वाली मतगणना के दिन कोई भी प्रत्याशी अब कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के बिना मतगणना केंद्र के अंदर नहीं जा सकेगा। चुनाव आयोग के नए फैसले के मुताबिक, अगर किसी प्रत्याशी को मतगणना केंद्र के अंदर जाना है तो या तो उसने वैक्सीन की दोनों खुराकें ली हो या फिर उसके पास कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट हो। यह रिपोर्ट भी 48 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने मंगलवार को विजय जुलूस पर रोक लगाई थी।

चुनाव आयोग ने मंगलवार को  आदेश जारी किया है कि 2 मई को मतगणना के दौरान या बाद में विजय जुलूस निकालने पर पाबंदी रहेगी। 

नए आदेश के मुताबिक, अब प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को मतगणऩा केंद्र में जाने के लिए निगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी। यह रिपोर्ट 48 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं हो सकती। हालांकि, जिन लोगों कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें ले ली हैं, उन्हें रिपोर्ट दिखाने की जरूरत नहीं होगी।

इससे पहले सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट ने कोरोना केसों में तेजी से इजाफे के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया था। उच्च न्यायालय ने कहा कि कोरोना केसों में तेजी से इजाफे के लिए अकेले चुनाव आयोग जिम्मेदार है और इसके लिए उसके अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज किया जाना चाहिए।

बता दें कि तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के लिए 2 मई को एक साथ मतगणना होनी है। 

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