उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में ऑक्सीजन सिलेंडर पर भी वीआईपी कल्चर पूरी तरह से हावी है। यहां आम आदमी तो ऑक्सीजन के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा है, लेकिन वीआईपी मौज कर रहे हैं। क्योंकि जिले के एक ऑक्सीजन प्लांट में आम इंसान को तो ऑक्सीजन के लिए एक बार में मना कर दिया जा रहा है, लेकिन भाजपा विधायक की गाड़ी प्लांट के अंदर बेधड़क घुसती है और उनकी गाड़ी में बाकायदा खुलेआम ऑक्सीजन भरे सिलेंडर लोड किये जा रहे हैं। यह आलम तब है जब यहां आम आदमी रात भर लाइन लगाकर ऑक्सीजन का इंतजार कर रहा है, लेकिन उसे उसके मरीज के लिए ऑक्सीजन तो नसीब नहीं हो रही, बल्कि उल्टा गालियां देकर उन्हें यहां से भगा दिया जाता है। भाजपा विधायक की गाड़ी में ऑक्सीजन भरे सिलेंडर लोड होने का वीडियो मीडिया के कैमरे में कैद हुआ है। जिसके बाद विधायक के गुर्गों नें मीडिया से बदससलूकी करने की भी कोशिश की और वीडियो न बनाने की बात कहते रहे।

  • मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के सफेदाबाद में स्थित सारंग ऑक्सीजन प्लांट का है। जहां एक तरफ ऑक्सीजन भरे सिलेंडर या सिलेंडर में ऑक्सीजन की रिफिलिंग कराने के लिए आम आदमी रात भर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करता है, लेकिन फिर भी उन्हें अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नसीब नहीं होते। तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा विधायक की गाड़ी आकर ऑक्सीजन प्लांट के अंदर बेधड़क घुसती है और अंदर से भरे ऑक्सीजन के सिलेंडर गाड़ी में लादकर वापस जाती है। विधायक जी की गाड़ी को न तो कोई रोकने वाला ही है और न ही कोई पूछने वाला कि उनका मरीज कहां एडमिट है या वह किसकी परमीशन से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर जा रहे हैं। क्योंकि आम आदमी को तो यही नियम बताया जा रहा है कि उसे ऑक्सीजन सिलेंडर लेने या रिफिल कराने के लिए डाक्टर के पर्चे के साथ डीएम का परमीशन लेटर भी लाना होगा। ऐसे में एक बात साफ है कि सीएम योगी भले ही लाख दावे करें कि कोरोना काल में किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा, लेकिन ऑक्सीजन पर भी वीआईपी कल्चर पूरी तरह से हावी है। और तो और जब मीडिया ने ये पूरा नजारा अपने कैमरे में कैद करना शुरू किया तो विधायक के गुर्गों नें मीडिया से बदससलूकी करने की भी कोशिश की और वीडियो न बनाने की बात कहते रहे।
  • वहीं रात से ऑक्सीजन सिलेंडर के इंतजार में खड़े कोरोना मरीजों के परिजनों ने बताया कि उन लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं दिया जा रहा। जबकि विधायक और सांसद जैसे वीआईपी लोगों को तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर दे दिया जा रहा है। वहीं जब वो लोग ऑक्सीजन सिलेंडर मांगते हैं, तो उनसे कहा जाता है कि डाक्टर और डीएम से लिखवाकर लाएं। तभी ऑक्सीजन मिलेगी।

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