यूपी सरकार ने कोरोना काल के दौरान होने वाली मौतों का पंजीकरण 24 घंटे के अंदर करना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत के कारणों को स्पष्ट रूप से लिखना होगा, जिससे यह पता चल सके कि इसकी वजह क्या रही है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी। इसके लिए जवाबदेह कर्मियों पर कार्रवाई भी होगी।

एकीकृत पोर्टल बनाया गया
केंद्र सरकार ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए एकीकृत पोर्टल बनाया है। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसी पोर्टल पर जन्म और मृत्यु का पंजीकरण करना अनिवार्य किया गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि इस पोर्टल पर पंजीकरण होने से इसे पता लगाने में आसानी होगी कितनी मौते हुई हैं और कितने जनसंख्या बढ़ी है। इसीलिए प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। कोरोना काल में कई कारणों से मौतें हो रही हैं। इसीलिए यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र मौत के कारणों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया है।

जोनवार व्यवस्था
शहरी क्षेत्रों में निकायों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए जोनवार व्यवस्था लागू की गई है। निकाय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रमाण पत्र जोनवार ही बनाए जाएंगे। पंजीकरण 24 घंटे के अंदर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। प्रमाण पत्र देने में भले ही कुछ समय लग जाए। इससे मामले लंबित नहीं रहेंगे। वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान मृत्यु पंजीकरण में देरी हुई थी। इसके चलते विशेष अभियान चलाकर इसका पंजीकरण कराया गया था।

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