कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से बीते दो सप्ताह से विभिन्न राज्यों से मायूसीभरी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, लेकिन इस बीच महाराष्ट्र ने सोमवार को दोहरी गुड न्यूज दी है। राज्य में कोरोना के नए मामलों में बड़ी गिरावट आई है। साथ ही राजधानी मुंबई में भी संक्रमितों की संख्या काफी कम हो गई है। माना जा रहा है कि उद्धव सरकार द्वारा एक मई तक लागू किए गए ब्रेक द चेन का असर दिखाई देने लगा है। राज्य में पिछले 24 घंटों में कोरोना के सिर्फ 48,700 नए मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले कई दिनों से यह संख्या रोजाना 60 हजार से ज्यादा जा रही थी। रविवार को मृतकों का आंकड़ा 800 के पार पहुंचने के एक दिन बाद ही मरने वालों की संख्या भी कम हो गई है। उधर, मुंबई में भी बीते एक दिन में सिर्फ 3,876 नए केस सामने आए हैं।

महाराष्ट्र में एक दिन में कितने लोगों की गई जान?
राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 48,700 नए मामलों के सामने आने के बाद कुल संख्या बढ़कर 43,43,727 हो गई है। एक्टिव केसों की संख्या अब 6,74,770 है, जबकि अभी तक 36,01,796 लोग बीमारी को हराकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। राज्य में 524 और लोगों की जान जाने के बाद कुल आंकड़ा बढ़कर 65,284 हो गया है। बता दें कि एक दिन पहले 66,191 नए मामले सामने आए थे, जबकि 832 लोगों की जान चली गई थी। मुंबई की बात करें तो पिछले एक दिन में 3876 नए मामले सामने आने के बाद शहर में कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 6,31,527 हो गया है। बीते एक दिन में 70 लोगों की जान चली गई और 9150 लोग बीमारी से ठीक हुए हैं। वहीं, नागपुर जिले की बात करें तो यहां 5852 नए मरीज मिले हैं, जबकि 89 लोगों की मौत हुई है।

लॉकडाउन जैसी पाबंदियों के चलते घटे केस?
कोरोना वायरस के मामलों को रोकने के लिए उद्धव सरकार लंबे समय से लगी हुई थी। इसके तहत सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू, मिनी लॉकडाउन और फिर पूर्ण लॉकडाउन वाले ब्रेक द चेन जैसी पाबंदियों को लागू किया। कोरोना मामलों में कमी आने की पीछे एक वजह उद्धव सरकार की पाबंदियों को लागू करने वाली यह रणनीति भी हो सकती है। बीते गुरुवार से राज्य में जारी किए गए ‘ब्रेक द चेन’ के तहत पब्लिक और प्राइवेट ट्रासंपोर्ट से यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, आवश्यक वस्तुएं, मेडिकल और वैक्सीनेशन को इससे बाहर रखा गया है। वहीं, शादी समारोह में सिर्फ 25 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। उद्धव सरकार ने प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों को 15 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति दी है। 

ऑक्सीजन की किल्लत भी दूर करने की कोशिश
वहीं, ऑक्सीजन की कमी झेल रहे महाराष्ट्र को उस समय राहत मिली, जब गुजरात में जामनगर से तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन के साथ तीन टैंकर लेकर एक ट्रेन सोमवार को मुंबई के पास कलंबोली पहुंची। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि करीब 44 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन के साथ 17 घंटे से अधिक समय में करीब 860 किलोमीटर दूरी तय करते हुए ट्रेन पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे नवी मुंबई के कलंबोली पहुंची। प्रत्येक टैंकर में करीब 15 टन तरल ऑक्सीजन है। कोविड-19 के मामलों में तेज बढ़ोतरी के कारण तरल ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे महाराष्ट्र में यह दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंची है। पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस सात टैंकर में ऑक्सीजन लेकर 23 अप्रैल को विशाखापत्तनम से राज्य पहुंची थी। इनमें से चार टैंकरों को नासिक में और तीन टैंकरों को नागपुर में उतारा गया था।

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