आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों के शुभारंभ के तीन साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि देशभर में अब तक 75 हजार 532 स्‍वास्‍थ्‍य और आरोग्य केन्द्र (एचडब्ल्यूसी)  चालू किए जा चुके हैं। डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि अगले साल दिसम्बर के अंत तक देश में डेढ़ लाख स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र और चालू हो जाएंगे। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में पहले आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र का छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगला में उद्घाटन किया था।

स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ के रूप में एचडब्ल्यूसी की भूमिका को स्पष्ट करते हुए, मंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री के पास न केवल एक दूरदृष्टि थी, बल्कि उन्होंने इसे जमीन पर उतारने का भी नेतृत्व किया,”। अब तक यह कदम स्वास्थ्य को जन आंदोलन के रूप में संस्थागत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

महिला सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा

खास बात यह है कि महिलाएं इस स्वास्थ्य आंदोलन की अगुवाई कर रही हैं क्योंकि सभी फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स और एएनएम में महिलाएं ही शामिल हैं। एचडब्ल्यूसी पर घर से निकटता और व्यक्तिगत देखभाल के चलते बड़ी संख्या में महिलाओं को इन केंद्रों पर जांच और इलाज के लिए आगे आने में सक्षम बनाया है। 13 अप्रैल 2021 तक, इन केंद्रों पर 23.8 करोड़ से अधिक महिलाओं (53.7%) ने देखभाल संबंधी कार्य संभाला है, जिसमें 44.24 करोड़ से अधिक की बढ़त देखी गई। निश्चित रूप से यह महिलाओं के लिए एक वरदान साबित हो रहा है।

एचडब्ल्यूसी पर कैंसर और डायबिटीज जैसे बड़े रोगों की भी जांच संभव

डॉ. हर्षवर्धन ने अधिकारियों को एचडब्ल्यूसी के विकास की राह में आने वाली बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने का आदेश दिया और आगे उन्होंने विभिन्न राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा नियोजित सर्वोत्तम स्वास्थ्य प्रयासों से सीख कर इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए नये मॉडलों के बीच प्रतिस्पर्धा का आह्वान भी किया। उन्होंने एचडब्ल्यूसी कार्यक्रम की अब तक की उपलब्धियों को भी विस्तार से बताते हुए कहा, “अबतक आयुष्मान भारत-एचडब्ल्यूसी ने उच्च रक्तचाप के लिए 9.82 करोड़ और मधुमेह के लिए 8.05 करोड़ लोगों की जांच की है। यह भी उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएचओ ने विश्व मधुमेह दिवस को आज इंसुलिन की खोज के रूप में मनाया।” उन्होंने यह भी कहा कि तीन सामान्य कैंसर की जांच, जिसमें मौखिक कैंसर (5.08 करोड़ स्क्रीनिंग), स्तन कैंसर (महिलाओं में 2.64 करोड़ स्क्रीनिंग) और सर्वाइकल कैंसर (महिलाओं में 1.79 करोड़ स्क्रीनिंग) केंद्रों पर की गईं हैं।

इस वर्ष स्वास्थ्य बजट में हुई 137% की बढ़ोतरी

सरकार लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर दे रही है। “इस वर्ष के लिए स्वास्थ्य बजट में 137% की अभूतपूर्व वृद्धि हुई यानी 2,23,846 करोड़ रुपए का आवंटन इस क्षेत्र के लिए हुआ है। इसमें कोविड-19 वैक्सीन के लिए समर्पित 35,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। अगले 5 वर्षों में लगभग 64,180 करोड़ रुपये के खर्च के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना भारत योजना (पीएमएएसबीवाई) प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करेगी, मौजूदा राष्ट्रीय संस्थानों को मजबूत करेगी और नए  स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण करेगी। इसके अलावा नए और उभरते रोगों का पता लगाना और उनका इलाज करना भी इसके कार्यक्षेत्र का हिस्सा होगा। इनमें से कई कदम सिर्फ एचडब्ल्यूसी की मदद करने के लिए उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएम-एएसबीवाई) में 17,788 ग्रामीण और 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को सहायता प्रदान की जाएगी, जो बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करेगी और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों को और मजबूत करेगी।

“ये राज्य हुए सम्मानित

इस अवसर पर 19 राज्यों (पंजाब, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, मिजोरम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, असम, गोवा और मणिपुर) और 5 केंद्र शासित प्रदेशों (पुडुचेरी, चंडीगढ़, दादर एवं नगर हवेली और दमन और दीव, अंडमान एवं निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप) को वर्ष 2020-21 के लिए अपने 100% एचडब्ल्यूसी के  लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।

मिजोरम, मेघालय, राजस्थान को आयुष्मान भारत- एचडब्ल्यूसी (अप्रैल, 2020 से फरवरी 2021 की अवधि के बीच आयुष्मान भारत- एचडब्ल्यूसी में आयोजित कल्याण सत्रों की औसत संख्या के आधार पर कल्याण गतिविधियों के संचालन पर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया)।

By anita

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