केंद्र सरकार ने विदेशी वैक्सीन को भारत में अनुमति देने की प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है। सरकार ने देश में टीकाकरण को गति देने के लिए फैसला लिया है। इससे पहले रूस की स्पूतनिक- वी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद अब कोरोना की दूसरी वैक्सीन को भी अनुमति देने की कवायद तेज हो गई है। वैक्सीन मंजूरी के लिए गठित नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप (एनईजीवीएसी) की बैठक में लिए गए इस फैसले को केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

डब्ल्यूएचओ की सूची में शामिल वैक्सीन को सशर्त दी जा सकती है मंजूरी

इस 23वीं बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने की। कमेटी में निर्णय लिया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपात इस्तेमाल की सूची में मौजूद वैक्सीन को भारत में सशर्त आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जा सकती है। इनमें अमेरिका, यूके,जापान में इस्तेमाल की जा रही वैक्सीन भी शामिल है। इससे देश में चल रहे टीकाकरण को और तेज किया जा सकेगा।

वैक्सीन का 100 लोगों पर एक हफ्ते का होगा ट्रायल

कमेटी ने सुझाव दिया कि विदेशों में इस्तेमाल हो रही कुछ वैक्सीन को 100 लोगों में एक हफ्ते के ट्रायल के बाद आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जा सकती है। बता दें कि मौजूदा समय में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड वैक्सीन लोगों को दी जा रही है।

गौरलतब हो, केंद्र सरकार सक्रिय रूप से कोविड-19 के विरुद्ध लड़ रही है और उसका ध्यान इसकी रोकथाम, निगरानी, कोविड उचित व्यवहार और टीकाकरण पर केन्द्रित हैI टीकाकरण (वैक्सीनेशन) के राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत 16 जनवरी, 2021 से हुई थीI इसके लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया- राष्ट्रीय नियामक अर्थात भारतीय औषध महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने दो टीकों के आपातकालीन उपयोग की अनुमति (ईयूए) दी थी I ये वैक्सीन हैं, सीरम इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित “कोविशील्ड” और भारत बायोटेक इन्टरनेशनल (बीबीआईएल) द्वारा निर्मित “कोवैक्सिन”I इन दोनों के साथ ही अब रूस की वैक्सीन स्पूतनीक वी को भी आपातकालीन स्थितियों में सीमित उपयोग की अनुमति दे दी गई है। इस समय देश में कई अन्य वैक्सीनों (टीकों) का विभिन्न चरणों में निर्माण और चिकित्सकीय परीक्षण चल रहा हैI

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *