नई दिल्ली, यूपी पंचायत चुनाव 2021 में ड्यूटी करने वाले कई कर्मचारियों की मौत का मुद्दा गरमाया हुआ है। विपक्ष ने इसके लिए सरकार को जिम्‍मेदार ठहराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच योगी सरकार ने कहा है कि वह चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत पर उनके परिवार को 30 लाख रुपए की आर्थिक मदद देगी। मंगलवार को पंचायती राज विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से उनके जिले की रिपोर्ट मांगी गई है। 

मिली जानकारी के अनुसार मुआवजा पाने के लिए मृतक के परिवारीजनों को कोविड संक्रमण की एंटीजन या आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट देनी होगी। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि मौजूदा समय में नियमों के मुताबिक चुनाव ड्यूटी के दौरान असामयिक दुर्घटना जैसे आतंकवादी हिंसा, असामजिक तत्वों द्वारा हत्या, बम ब्लास्ट, रोड माइंस और हथियारों से हमला आदि की दशा में मौत होने पर कर्मचारी के परिजनों को 30 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। इस नियम में कोविड-19 से मृत्यु को भी जोड़ दिया गया है। 

परिवारीजनों को देने होंगे ये प्रमाण पत्र 
कोरोना से निधन पर मुआवजे के लिए सम्‍बन्धित कर्मचारी के परिवारीजन को एंटीजन/आरटी-पीसीआर रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा स्थायी दिव्यांगता के सम्‍बन्‍ध में मुख्य चिकित्साधिकारी/ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारी जारी प्रमाण पत्र देना होगा। इस प्रक्रिया के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी शर्तों का पालन करवाते हुए मुआवजे का प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेंगे। 

अखिलेश और प्रियंका गांधी ने उठाई थी मांग
यूपी पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कई कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। इस मामले को लेकर सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की राष्‍ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मांग उठाई थी। प्रियंका गांधी ने इस बारे में मुख्‍यमंत्री को पत्र लिखकर चुनाव ड्यूटी करने वालों की कोरोना संक्रमण से मौत पर परिवार को आर्थिक मदद की मांग उठाई थी। प्रदेश सरकार ने अब मुआवजे का ऐलान कर दिया है। 

By anita

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