टीएमसी की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आज यानी बुधवार सुबह 11:45 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इसके साथ ही दीदी तीसरी बार बंगाल की मुख्यमंत्री बन गईं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस महामारी के फैलाव को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह को बेहद सादगी से आयोजित किया गया। 

नई दिल्ली, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आज यानी बुधवार सुबह 11:45 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इसके साथ ही ममता दीदी तीसरी बार बंगाल की मुख्यमंत्री बन गईं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर ममता बनर्जी को बधाई दी।

कोरोना वायरस महामारी के फैलाव को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह को बेहद सादगी से आयोजित किया गया। शपथ ग्रहण के दौरान मंच पर ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ ही नजर आए। दोनों ने एक-दूसरे के सामने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि, कुछ देर बाद ही राज्यपाल धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता के बयानों में तल्खी नजर आई।

ममता ने कहा, प्राथमिकता में है कोरोना के खिलाफ लड़ाई
शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंसा की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हिंसा में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल ने ममता बनर्जी को दी नसीहत
ममता के बाद राज्यपाल ने भी चुनाव के बाद हिंसा का मुद्दा उठाया। ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन बताते हुए राज्यपाल धनखड़ ने उन्हें कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नसीहत दी। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था का राज होना चाहिए। उम्मीद है कि ममता संविधान के हिसाब से चलेंगी। राज्यपाल धनखड़ की इस टिप्पणी का ममता ने जबााव दिया। ममता ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया और कहा कि अभी तक सबकुछ चुनाव आयोग के अधीन था। चुनाव आयोग ने काफी अधिकारियों को बदल दिया था। मैंने अभी शपथ ली है और अब नए सिरे से व्यवस्था करूंगी।

कोरोना के चलते ज्यादा लोगों को नहीं भेजा निमंत्रण
अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि समारोह के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान और माकपा के वेटरन नेता बिमान बोस को निमंत्रण भेजा गया था। साथ ही पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान व बीसीसीआई के मौजूदा चेयरमैन सौरभ गांगुली को भी आमंत्रित किया गया। सुबह 10.45 बजे शुरू हुए शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर किसी भी अन्य राज्य के मुख्यमंत्री या राजनेता को नहीं बुलाया गया।  लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने 2 मई को विधानसभा चुनावों में जीत के बाद ही शपथ ग्रहण के सादगी से आयोजन की घोषणा कर दी थी।

सिर्फ ममता बनर्जी ने ली शपथ, मंत्रियों ने नहीं 
अधिकारी ने बताया कि बुधवार को टीएमसी की तरफ से महज ममता बनर्जी ही शपथ ग्रहण की है। उनकी कैबिनेट के अन्य मंत्री बाद में शपथ लेंगे। टीएमसी सूत्रों ने कहा कि समारोह में ममता के भांजे व टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और टीएमसी नेता फिरहाद हाकिम भी उपस्थित रहे। सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय जाएंगी, जहां उन्हें कोलकाता पुलिस की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।

By anita

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