पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड जीत के शिल्पकार और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के 100 सीटों से दूर रहने के बावजूद अपना काम छोड़ने का ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने ममता बनर्जी की जीत के बाद भी कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी लोकप्रिय हैं और इस वजह से पश्चिम बंगाल में बीजेपी को 37-38 फीसदी वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि यहां तो तरफा लड़ाई होने की वजह से इतने वोट मिलने के बाद भी बीजेपी नहीं जीत पाई। बंगाल में जीतने के लिए 45 फीसदी वोटों की जरूरत है। प्रशांत किशोर ने यह भी बताया है कि क्यों बीजेपी को टीएमसी के सामने हार का सामना करना पड़ा है।

न्यूज चैनल आज तक के साथ इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी की हार के क्या कारण रहे? प्रशांत किशोर ने कहा, ”किसी की जीत और हार कई वजहों के मिश्रण से होती है। बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के कैंपेन मॉडल को ही आगे बढ़ाकर विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश की। लेकिन 2019 से 2021 के बीच जो बदलाव (सरकार और टीएमसी में) हैं, उस पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से उन्हें नुकसान हुआ।” 

टीएमसी की जीत की वजह का विश्लेषण करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, ”टीएमसी ने पिछले एक साल में बीजेपी की ताकत, कमजोरी, प्रचार, कार्यशैली को ध्यान से देखा और उस हिसाब से रणनीति बनाई, इसलिए टीएमसी की जीत हुई है।” प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने बीजेपी को गंभीरता से नहीं लिया था, इसलिए कुछ झटका लगा था। 

‘मोदी जी पॉप्युलर इसलिए इतने वोट’
हाल ही में एक लीक ऑडियो में पीएम मोदी की लोकप्रियता स्वीकार करते हुए सुने गए प्रशांत किशोर ने फिर इस बात को दोहराया। उन्होंने कहा, ”मोदी जी बहुत पॉप्युलर हैं और इसलिए 37-38 फीसदी वोट मिले हैं। इसमें बड़ा फैक्टर मोदी जी की लोकप्रियता है। यह कहने में क्या नुकसान है। पॉप्युलर होना या बहुत रिसोर्सफुल होना, बहुत ताकतवर होने का मतलब नहीं कि आप को जीत मिल जाए। जिससे आपका कॉम्पिटिशन है यदि वह अधिक लोकप्रिय है और अपनी चीजों को बेहतर तरीके से मैनेज कर रहा है तो उससे हार सकते हैं। आपको 37 फीसदी वोट आया है इसका मतलब आप लोकप्रिय हैं, आपका संगठन है, आपकी ताकत है, लेकिन यदि किसी को 48 फीसदी वोट मिला है तो वह जीतेगा। पॉलिटिक्स में खुद को 100 और सामने वाले को 0 बताया जाता है, मेरा यह तरीका नहीं है।”

By anita

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