रामपुर सांसद आजम खां को लखनऊ मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कराने के लिए कई घण्टे अधिकारियों को पसीना बहाना पड़ा। आलम यह रहा कि घण्टों की मशक्कत के बाद भी इन्हें सीतापुर जेल से ले जाया नहीं जा सका। सांसद ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज में दी जाने वाली सुविधाओं से इंकार कर दिया। फिलहाल कोरोना संक्रमित सांसद और उनके पुत्र दोनों सीतापुर कारागार में हैं। 

रामपुर सांसद आजम खां और उनके पुत्र अब्दुला आजम खां सीतापुर कारागार में करीब डेढ़ वर्ष से निरुद्ध हैं। बीते दिन कारागार में रामपुर सांसद सहित कुल 15 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया। आरटीपीसीआर की जांच में रामपुर सांसद आजम खां, इनके पुत्र अब्दुला आजम खां, प्रभारी जेल अधीक्षक आरएस यादव और 12 बंदी पॉजिटिव पाए गए। बंदियों को अलग अहाते में रखा गया। सांसद पहले से ही अलग अहाते में थे। सभी का इलाज शुरू हुआ। बताते हैं कि सांसद संक्रमित होने की सूचना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया और शनिवार देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कारागार एंबुलेंस लेकर पहुंचे।

जिला कारागार में पहुंचने वालों में एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल थे। जेल पहुंचकर अधिकारियों ने बेहतर इलाज का सांसद को हवाला दिया। बताया कि एंबुलेंस के सहारे उन्हें लखनऊ ले जाया जाएगा, जहां उनका बेहतर इलाज होगा। इसको लेकर सांसद ने इंकार कर दिया। डिप्टी जेलर ओमकार पाण्डेय का कहना है कि सांसद को बेहतर  इलाज का हवाला देते हुए लखनऊ चलने के बताया गया। बताया कि सांसद ने लखनऊ जाने से इंकार कर दिया। काफी देर तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाया गया। बताया कि आधी रात तक एंबुलेंस खड़ी रही। इसके बाद वो वापस चली गई। डिप्टी जेलर का कहना हैकि कारागार अस्पताल में सभी कोरोना संक्रमित बंदियों का इलाज चल रहा है। सांसद और उनके पुत्र की हालत पहले से बेहतर है। 
 

By anita

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