एयर इंडिया का विमान 318 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर लेकर भारत पहुंच चुका है। दरअसल, देश में अचानक हुई ऑक्सीजन की कमी को दूर करने की दिशा में विकसित देशों ने मदद को हाथ बढ़ाए हैं। इसी कड़ी में अमेरिका ने भी 318 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भारत भेजे हैं। जाहिर है कि जिस प्रकार से कोरोना की पहली लहर के बाद भारत ने दुनियाभर के देशों को जरूरत के समय वैक्सीन मुहैया कराई थी, उसी का नतीजा है कि अब संकट के समय में अमेरिका जैसे बड़े देश भारत की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने रविवार को एक एक ट्वीट में कहा था कि महामारी की शुरुआत में जब हमारे अस्पताल भरे थे और उस समय जिस तरह भारत ने अमेरिका को मदद भेजी थी, ठीक उसी तरह हम भी आवश्यकता की घड़ी में भारत की मदद करने के लिए कटिबद्ध हैं।
इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि, “कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं कि हम स्थिति को पलट देंगे।”
बताना चाहेंगे, एयर इंडिया का विमान अमेरिका के कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कार्गो पांच टन (5000 किलोग्राम) ऑक्सीजन सांद्रता को लेकर रवाना होने के बाद यहां सोमवार दोपहर वक्त दिल्ली पहुंचा।

क्या होता है ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर?

यह एक तरह से पोर्टेबल मशीन (Portable Machine) की तरह काम करता है, जो घर या बाहर की सामान्य हवा से ऑक्सीजन जेनरेट करता है। कॉन्सेंट्रेटर ऐसा उपकरण है, जो हवा से ऑक्सीजन बनाता है। ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर उन जगहों पर ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं, जहां लिक्विड ऑक्सीजन या प्रेशराइज्ड ऑक्सीजन इस्तेमाल करने की सुविधा न हो या फिर ऐसा करना खतरनाक हो।
कोरोना के मामलों में यह होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए बहुत मददगार है। सामान्य हवा से ऑक्सीजन तैयार करने वाली यह मशीन मरीजों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं। खासकर जिन अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था नहीं है, वहां के लिए और होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए ये मशीन एक बड़ा विकल्प है। भारत में आज इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

यह कैसे ऑक्सीजन जेनरेट करता है?

ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर सांस की तकलीफों वाले मरीजों के लिए घर या बाहर की हवा से ऑक्सीजन जनरेट करता है। इसमें कॉन्सेंट्रेट प्रेशर स्विंग अब्जॉर्प्शन तकनीक का इस्तेमाल होता है। जैसा कि हम जानते हैं कि नेचुरल हवा का 21 फीसदी हिस्सा ही ऑक्सीजन होता है, 78 फीसदी हिस्सा नाइट्रोजन और शेष हिस्से में अन्य गैसें होती हैं। ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर इस सामान्य हवा से नाइट्रोजन को अलग करता है और ऑक्सीजन की अधिकतम मात्रा वाली गैस को बाहर निकालता है, फिर एक ट्यूब के जरिए इसका इस्तेमाल मरीज सांस लेने में करते हैं।

अगले दो दिन में अमेरिका से आएंगे 600 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर

एयर इंडिया की अमेरिका से आने वाली अन्य दो उड़ानों में अगले दो दिन के दौरान 600 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटरलाए जाएंगे। ये कॉन्सेंट्रेटर निजी प्रतिष्ठानों ने अमेरिकी कंपनियों से खरीदे हैं। इसके अलावा भी आगामी कुछ सप्ताह में एयर इंडिया ने निजी प्रतिष्ठानों के लिए 10 हजार ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर ढोने की योजना बनाई है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की ढुलाई किए जाने की पुष्टि की है। प्रवक्ता ने कहा कि एयर इंडिया के मालवाहक विमान अपने बड़े आकार और अंतर्राष्ट्रीय संचालन के अनुभव के बूते बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन उपकरणों की ढुलाई में अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्विटर पर लिखा, “हर व्यक्ति के बहुमूल्य जीवन को बचाने और कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए नागरिक उड्डयन क्षेत्र की ओर से किया गया एक प्रयास है।

By anita

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