केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा सत्र 2021-22 से नौंवी से 12वीं के प्रश्न पत्र पैटर्न में बदलाव कर दिया है। यह बदलाव इसी सत्र से लागू होगा। इसकी जानकारी तमाम स्कूलों को भेज दी गयी है। बोर्ड की मानें तो दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में अब लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न दस फीसदी कम पूछे जायेंगे। अभी तक दसवीं में लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रयन 70 फीसदी पूछे जाते थे। वहीं 12वीं में 60 फीसदी लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न रहता था। लेकिन बोर्ड ने दस फीसदी कम कर दिया है।

वहीं दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में क्षमता बेस्ड प्रश्न को जोड़ा गया है।नयी शिक्षा नीति 2020 के तहत बोर्ड द्वारा यह बदलाव किया गया है। विद्यार्थियों में सोचने की क्षमता का विकास हो, इसके लिए अब नौंवी और 11वीं के वार्षिक परीक्षा और बोर्ड परीक्षा में क्षमता बेस्ड प्रश्न का जबाव देना होगा। इसमें नौंवी और दसवीं बोर्ड में 30 फीसदी और 12वीं के बोर्ड परीक्षा में 20 फीसदी क्षमता वाले प्रश्न रहेंगे। अभी तक क्षमता बेस्ड प्रश्न नहीं पूछे जाते थे।

– नये पैटर्न पर जारी होगा सैंपल पेपर

बोर्ड के एकेडेमिक डायरेक्टर डा. जोसफ इमैनुअल की मानें तो बदले हुए नये पैटर्न पर ही सैंपल पेपर जारी होगा। इसी पैटर्न पर अब स्कूलों को पढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। इससे छात्रों को अभी से इसकी जानकारी मिल पायेगी।

नौंवी और दसवीं में– क्षमता बेस्ड प्रश्न 30 फीसदी रहेगा (इसमें मल्टीपल च्वाइस, केस स्टडी,इंटीग्रेटेड आदि प्रकार के प्रश्न रहेगा)- 20 अंक का वस्तुनिष्ठ प्रश्न रहेगा- लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 60 फीसदी से घटा कर अब 50 फीसदी पूछे जायेंगे|

11वीं और 12वीं में- क्षमता बेस्ड 20 फीसदी प्रश्न रहेगा (इसमें केस स्टडी, मल्टीपल च्वाइस, इंटीग्रेटेड प्रकार के प्रश्न रहेगा)- 20 अंक का वस्तुनिष्ठ प्रश्न रहेाग- लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अब 70 फीसदी से घटा कर 60 फीसदी कर दिया गया है।

By anita

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