माल परिवहन में आमूलचूल परिवर्तन लाने और कुल लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी ने अपने एआईएस-113 मानक में संशोधन कर सड़क-ट्रेनें की सुरक्षा आवश्यकताओं को शामिल किया है और सड़क परिवहन एंव राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर मसौदे को प्रकाशित किया गया है भारतीय परिचालन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए और यूरोपीय बेंचमार्क की जांच के बाद ये मानक तैयार किए गए हैं

ये मानक लंबी दूरी के फ्रेट कॉरिडोर के साथ माल की तेज और कुशल आवाजाही के लिए एक मार्ग बनाने का काम करेंगे। सड़क-ट्रेनें एक मोटर वाहन है जिसमें खींचने के लिए पुलर का इस्तामल किया जाता है, जो ट्रेलर या अर्ध-ट्रेलरों के सीरियल संयोजन से जुड़ा होता है।ये भीड़ को कम करने, ईंधन बचाने और शोर और वायु-प्रदूषण को कम करने के लिए चुनिंदा मार्गों पर काम करेगा।

ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमेटी संबंधित मंत्रालयों, परीक्षण एजेंसियों, उद्योग हितधारकों,बीआईएस आदि का प्रतिनिधित्व करता है। संशोधित मानक एआईएस-113 (टेलरों/ सेमी-ट्रेलरों टी2, टी33 और टी4 को श्रेणियों के मोटर वाहन की श्रेणी एन2 और एन3 द्वारा कोड ऑफ प्रैक्टिस किया जा रहा है) को सभी पक्षों से परामर्श के लिए प्रकाशित किया गया है, जिससे बाद में इसे नियत समय में सूचित किया जा सके।      

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By anita

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