संयुक्त राष्ट्र संघ के एक अधिकारी द्वारा एक 16 साल की किशोरी से रेप करने और फिर सबूत होने के बावजूद पैसे देकर केस को रफा-दफा करने का मामला सामने आया है। खबर के मुताबिक, पीड़ित किशोरी कांगो की नागरिक थी और जांच के दौरान आरोपी अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी मिले थे। 

आरोपी शख्स की पहचान जाहिर नहीं की गई है। खबर के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र संघ का यह शांतिदूत जुलाई 2017 में अफ्रीकी देश में काम कर रहा था जब उसने कथित तौर पर 16 साल की किशोरी को सेक्स के बदले 3600 पाउंड यानी करीब 3 लाख 70 हजार रुपये की रकम दी। इतना ही नहीं, अधिकारी ने बच्ची को घर का सामान भी दिया।

पीड़ित किशोरी की मां ने कांगो प्रशासन के पास अपनी बेटी के बलात्कार का मामला दर्ज कराया। हालांकि, वहां से खास मदद न मिलने पर पीड़िता की मां ने संयुक्त राष्ट्र मिशन से ही संपर्क किया।

इसके बाद यूएन ऑफिस ऑफ इंटरनल ओवरसाइट सर्विसेज (OIOS) ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की और कुछ महीनों बाद रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के निष्कर्ष में पाया गया कि परिवार के आरोपों में सच्चाई है।

इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी को सेवा से हटा दिया गया और न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में यूके के प्रतिनिधिमंडल को भी अलर्ट कर दिया गया। हालांकि, यह अधिकारी कौन है और कहां, क्या काम कर रहा, इन सबके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। 

संयुक्त राष्ट्र में यूके की राजदूत डेम बारबरा ने बताया कि उनके कार्यालय ने यह केस साल 2018 में नेशनल क्राइम एजेंसी को सौंप दिया था। 

OISIS की रिपोर्ट में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि इस संयुक्त राष्ट्र के इस अधिकारी ने कांगो मूल की किशोरी के साथ पहले रेप किया और फिर लगातार उसे पैसे या सामान देकर उसका यौन शोषण करता रहा। रिपोर्ट में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि केस के निपटारे के लिए अधिकारी ने पीड़िता के परिवार को 5 हजार डॉलर की राशि का भुगतान किया। 

By anita

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