कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों और लॉकडाउन-नाइट कर्फ्यू की तरफ बढ़ते भारत के शहरों के बीच एक बार फिर सोना 50 हजारी बनने की तैयारी कर रहा है। आपको याद होगा कि कोरोना की पहली लहर और संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान सोना के भाव खूब उछले, वह भी तब जब सर्राफा बाजारों में मांग न के बराबर थी। कमाेवेश हालात पिछले अप्रैल की तरह बन रहे हैं। केवल 4 कारोबारी दिनों में ही 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव 1739 रुपये प्रति 10 ग्राम उछल चुका है। इतने ही दिन में चांदी भी 3170 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। 

पिछले 4 दिन में ऐसे बढ़े सोने-चांदी के रेट

डेटसोने का शाम का भाव Rs/10Gmचांदी का शाम का भावRs/Kg
07 Apr 2021 4592966032
06 Apr 20214541065422
05 Apr 20214525964962
01 Apr 2021 4491963737
31 Mar 2021 4419062862

स्रोत:IBJA

क्यों बढ़ रही सोने-चांदी की कीमत

आज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बैंक की ब्याज दरें एक दशक में सबसे कम हैं। आज की तारीख में भारत की बात करें तो रेपो रेट सिर्फ 4 फीसद के आसपास है। ब्याज दरें कम हैं, ऐसे में लोगों के लिए सोना ही निवेश का बेहतर विकल्प बना हुआ है। केडिया कैपिटल के डायरेक्टर अजय केडिया Livehindusatn.com के साथ बातचीत में कहते हैं कि पिछले साल गोल्ड की कीमतों में इजाफे की वजह लॉकडाउन, कोरोना के बढ़ते मामले, ब्याज दरों का कम होना, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी आदि थी। इस साल कमोवेश हालात वैसे ही हैं। ब्याज दरें अभी कम हैं। रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है। दुनियाभर में पाबंदियों का एक और दौर शुरू हो चुका है, ऐसे में लोग सुरक्षित निवेश के लिए एक बार सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। इस वजह से जून तक सोना 50000 रुपये तक पहुंच सकता है।
 
क्या हुआ था पिछले साल

साल 2020 की शुरुआत में सोने की कीमत 39,100 रुपये प्रति 10 ग्राम और 1,517 अमरीकी डॉलर प्रति औंस के साथ हुई। हालांकि सर्राफा बाजार में 31 दिसंबर को 24 कैरेट सोने का भाव 39240 रुपये पर बंद हुआ था।  महामारी को लेकर शुरुआती झटका अल्पकालिक रहा और सोना 38,400 रुपये पर आ गया, लेकिन इसके बाद यह धीरे धीरे बढ़ता हुआ 56,254 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।

अभी कोरोना की क्या है स्थिति

कोरोना वायरस दुनियाभर में कहर बरपा रहा है। स्थिति पिछले साल से बदतर होती जा रही है। जहां भारत के भी कई राज्यों में आंशिक लॉकडाउन जैसी स्थिति है तो वहीं  बांग्लादेश ने देश में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है।  इससे पहले फ्रांस भी देश में तीसरी बार लॉकडाउन लगाए जाने की घोषणा कर चुका है। जहां तक भारत की बात है तो महाराष्ट्र में हालात बेकाबू हैं। राज्य के अस्तालों में अभी से ही बिस्तरों की कमी पड़ रही है और ऑक्सीजन आपूर्ति भी घट सकती है। राज्य में अभी मौजूद 5 लाख ऐक्टिव केसों में से सिर्फ 40 प्रतिशत ही अस्पताल में भर्ती है, लेकिन 80 फीसदी आइसोलेशन बेड भर चुके हैं। वहीं कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू भी लगने लगा है।

By anita

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