गाजियाबाद
मासूम से रेप में गाजियाबाद पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहां एक दो साल की बच्ची के साथ रेप हुआ। खून से लथपथ बच्ची को माता-पिता अस्पताल लेकर गए। वहां से उन्हें पहले पुलिस थाने भेज दिया गया। पुलिस उन्हें एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर कटवाती रही। माता पिता बच्ची को लेकर पूरी रात भटकते रहे। आखिर कई घंटों बाद बच्ची का इलाज शुरू हो सका।

घटना सोमवार शाम की है। बच्ची के पड़ोस में रहने वाला युवक उसे खिलाने के बहाने छत पर ले गया था। वहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले उसके नाना ने घर की महिला को छत पर भेजा तो वारदात का पता चला।

सीएचसी से भेजा जिला अस्पताल
बच्ची को सीएचसी भेजा गया था, वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

बहता रहा खून
2 साल की बिटिया का खून बंद नहीं हो रहा था। पहले मां-बाप उसे लेकर पास के निजी अस्पताल गए। वहां से बगैर इलाज पुलिस के पास भेज दिया गया। चिरौड़ी पुलिस चौकी में 2 घंटे तक परिवार बैठा रहा। बिटिया बेसुध होने लगी तो मां-बाप के सब्र का बांध टूटने लगा।

परेशान माता-पिता को पुलिसवालों ने लोनी कोतवाली भेज दिया। कोतवाली पुलिस ने इलाज के लिए सीएचसी भेजा, वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से जीटीबी नगर (दिल्ली) ले जाने की सलाह दी गई।

बच्ची की हालत गंभीर

पूरी रात परिवार बिटिया को लेकर भटकता रहा। सुबह बच्ची को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन खतरे से बाहर है।मानसिक रूप से बीमार है आरोपी?लोनी कोतवाली इंचार्ज ओपी सिंह ने बताया कि आरोपी नाबालिग और दिव्यांग है। उसे मानसिक रूप से बीमार भी बताया जा रहा है। उससे पूछताछ की जा रही|

By anita

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