अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को विदेशी श्रमिकों के वीजा, खासतौर से एच-1बी वीजा, पर प्रतिबंधों की अवधि को समाप्त होने दिया। इसके साथ ही उनके पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना खत्म हो गई। इससे हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

ट्रंप ने पिछले साल कोविड-19 संकट और देशव्यापी लॉकडाउन के बीच एच-1बी सहित कई अस्थाई या गैर- प्रवासी वीजा श्रेणियों के आवेदकों के अमेरिका में प्रवेश को रोक दिया था। ट्रंप ने दलील दी थी कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार के दौरान ये वीजा अमेरिकी श्रम बाजार के लिए एक जोखिम हैं। उन्होंने बाद में इस अधिसूचना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया था, हालांकि, बाइडेन ने एच-1बी वीजा पर प्रतिबंध जारी रखने के लिए नई घोषणा जारी नहीं की। उन्होंने ट्रंप की आव्रजन नीतियों को क्रूर बताते हुए एच-1बी वीजा पर निलंबन हटाने का वादा किया था।

क्या होता है एच-1बी वीजा?
एच-1बी वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को कुछ व्यवसायों के लिए विदेशी श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, जहां सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से प्रत्येक वर्ष दसियों हजार कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *