ओडिशा राज्य , जिसका स्थापना दिवस 1 अप्रैल को मनाया जाता है ओडिशा के कलिंग, उत्कल और उद्र जैसे कई प्राचीन नाम हैं लेकिन यह भगवान जगन्नाथ की भूमि के लिए अधिक प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि, भगवान जगन्नाथ ओडिशा के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन से बहुत गहरे जुड़े हुए हैं। ओडिशा भारत का एक प्रान्त है जो भारत के पूर्वी तट पर बसा है। आज हम आपको बताएँगे ओडिशा से जुडी कुछ ख़ास बातें और ओडिशा दिवस क्यों मनाया जाता है।

1 अप्रैल यानी ओडिशा दिवस के दिन इतिहास के उन लोगों को याद किया जाता जिन्होंने ओडिशा को आगे ले जाने और सफल बनाने के लिए अपना बहुत बड़ा योगदान और बलिदान दिया था। इस दिन को उत्कल दिवस / ओडिशा दिवस के नाम से मनाया जाता है।

खास बात यह है कि, ओडिशा दिवस ना सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में मनाया जाता है बल्कि, उन देशों में भी मनाया जाता है जंहा ओडिशा के लोग निवास करते है। गौरतलब है कि, ओडिशा को कलिंग राज्य के नाम से भी जाना जाता है। इसकी एक ख़ास वजह है, कहा जाता है कि, प्राचीन काल में ओडिशा राज्य / क्षेत्र, कलिंग राज्य का केंद्र था इसलिए आज भी ओडिशा को कलिंग राज्य के नाम से जाना जाता है। उत्कल दिवस ओडिशा राज्य की स्थापना के दिन 1 अप्रैल 1936 की ख़ुशी के रूप में भी मनाया जाता है।

इस दिन ओडिशा में छुट्टी का दिन होता है। इस दिन कई जगहों में शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सेमिनार, और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। बता दे कि, उड़ीसा में ज्यादातर लोग जनजाति हैं अधिकांश जनजाति मुख्य रूप से कोरापुट, फूलबनी, सुंदरगढ़ और मयूरभंज जिलों में रहते हैं।

वहां लगभग 60 जनजातियां हैं जो मुख्य रूप से जंगल और राज्य के दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं। ओडिशा उत्तर में झारखण्ड, उत्तर पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में आंध्र प्रदेश और पश्चिम में छत्तीसगढ़ से घिरा है तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी है। ओडिशा क्षेत्र मुख्य रूप से चावल उत्पादक क्षेत्र है।ओडिशा के कलिंग, उत्कल और उद्र जैसे कई प्राचीन नाम हैं लेकिन यह भगवान जगन्नाथ की भूमि के लिए अधिक प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि, भगवान जगन्नाथ ओडिशा के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन से बहुत गहरे जुड़े हुए हैं। ओडिशा भारत का एक प्रान्त है जो भारत के पूर्वी तट पर बसा है। आज हम आपको बताएँगे ओडिशा से जुडी कुछ ख़ास बातें और ओडिशा दिवस क्यों मनाया जाता है।

1 अप्रैल यानी ओडिशा दिवस के दिन इतिहास के उन लोगों को याद किया जाता जिन्होंने ओडिशा को आगे ले जाने और सफल बनाने के लिए अपना बहुत बड़ा योगदान और बलिदान दिया था। इस दिन को उत्कल दिवस / ओडिशा दिवस के नाम से मनाया जाता है।खास बात यह है कि, ओडिशा दिवस ना सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में मनाया जाता है बल्कि, उन देशों में भी मनाया जाता है जंहा ओडिशा के लोग निवास करते है। गौरतलब है कि, ओडिशा को कलिंग राज्य के नाम से भी जाना जाता है। इसकी एक ख़ास वजह है, कहा जाता है कि, प्राचीन काल में ओडिशा राज्य / क्षेत्र, कलिंग राज्य का केंद्र था इसलिए आज भी ओडिशा को कलिंग राज्य के नाम से जाना जाता है। उत्कल दिवस ओडिशा राज्य की स्थापना के दिन 1 अप्रैल 1936 की ख़ुशी के रूप में भी मनाया जाता है।इस दिन ओडिशा में छुट्टी का दिन होता है। इस दिन कई जगहों में शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सेमिनार, और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। बता दे कि, उड़ीसा में ज्यादातर लोग जनजाति हैं अधिकांश जनजाति मुख्य रूप से कोरापुट, फूलबनी, सुंदरगढ़ और मयूरभंज जिलों में रहते हैं।वहां लगभग 60 जनजातियां हैं जो मुख्य रूप से जंगल और राज्य के दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं। ओडिशा उत्तर में झारखण्ड, उत्तर पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में आंध्र प्रदेश और पश्चिम में छत्तीसगढ़ से घिरा है तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी है। ओडिशा क्षेत्र मुख्य रूप से चावल उत्पादक क्षेत्र है।

By anita

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