मेरठ
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीनों के हेराफेरी के एक मामले में मेरठ के एसओसी चकबंदी, सीओ चकबंदी और लेखपाल को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। तीनों अधिकारियो के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं मुकदमा दर्ज करते हुए विभागीय जांच करने के लिए मेरठ के कमिश्नर को नामित कर दिया है।

मेरठ के थाना मवाना तहसील के गांव जसोला में ढ़ेर सारी अनियमितताओं के चलते मेरठ के डीएम के बालाजी और 2 सदस्यों की समिति से जांच कराई गई, इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी समेत महकमे के तीन कार्मिकों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी राकेश कुमार, चकबंदी अधिकारी प्रभाकर और चकबंदी लेखपाल संजीव कुमार चौहान शामिल हैं।

तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
चकबंदी मवाना ने एसडीएम के आदेश को खारिज करके विवादित भूमि में अनियमितताएं की, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसओसी चकबंदी राकेश कुमार,सीओ चकबंदी प्रभाकर,और चकबंदी लेखपाल संजीव चौहान को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच करने के आदेश जारी किए गए। तीनों ही के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए गए।

मेरठ के आयुक्त को जांच करने के लिए किया नामित
एसओसी राकेश कुमार के विरुद्ध अधिकारी कमिश्नर मेरठ मंडल को नामित किया गया। और चकबंदी के अधिकारियों पर कर्मचारियों द्वारा मवाना तहसील के ग्राम बिसोला के नियम विरुद्ध पारित किए गए आदेशो को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *