ऋषभ पंत के चौके विवाद ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ऋषभ पंत को नॉटआउट होने के बावजूद चार रन नहीं मिलने से काफी नाखुश हैं। आकाश ने आईसीसी के डेड बॉल के इस नियम पर बड़ा सवाल भी पूछा है। उन्होंने कहा कि अगर वर्ल्ड कप के फाइनल मैच की आखिरी गेंद पर भी कुछ ऐसा ही हुआ होता तो फिर क्या होता। भारत और इंग्ंलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच में गेंद पंत के बल्ले से लगकर बाउंड्री पार चली गई थी, लेकिन एलबीडब्ल्यू की अपील पर ऑन फील्ड द्वारा आउट दिए जाने के चलते उनके खाते में कोई भी रन नहीं जुड़ सका था। 

आकाश ने पंत को चौका नहीं दिए जाने को लेकर ट्वीट  करते हुए लिखा,’ तो, पंत ने अंपायरिंग की गलती की वजह से चार रन गंवा दिए। इसको 101010364वीं बार रिपीट करके- क्या होता अगर यह वर्ल्ड कप के फाइनल मैच की आखिरी गेंद पर हुआ होता और बैटिंग टीम को जीतने के लिए 2 रनों की जरूरत होती? सोचो सोचो।’ भारतीय टीम के 40वें ओवर की टॉम करन की आखिरी गेंद पर पंत ने रिवर्स स्कूप शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन बॉल और बैट का संपर्क नहीं हो सका। इंग्लैंड के सभी खिलाड़ियों को लगा कि बॉल पैड पर लगी है और उन्होंने जोरदार अपील की। ऑन फील्ड अंपायर ने भी पंत को आउट करार दे दिया। जिसके बाद पंत ने डीआरएस का इस्तेमाल किया, जिसमें साफ दिखाई दिया कि गेंद पंत के बल्ले से लगकर बाउंड्री पार गई है और ऑन फील्ड अंपायर के फैसले को बदलते हुए पंत को नॉटआउट बताया गया। हालांकि, इसके बावजूद भी वह चार रन क्रिकेट के नियमों के मुताबिक पंत और टीम के खाते में नहीं जुड़े। 

क्रिकेट के नियमों के मुताबिक, अगर एलबीडब्ल्यू की अपील को बल्लेबाज को ऑन फील्ड अंपायर द्वारा आउट करार दिया जाता है तो वह बॉल उसी समय पर डेड मान ली जाती है और उस पर कोई भी रन नहीं मिलता है। थर्ड अंपायर का निर्णय आने के बाद भी उस बॉल पर बने रन ना तो बल्लेबाज और ना ही टीम के खाते में जुड़ते हैं। ऑन फील्ड अंपायर के आउट देने के बाद इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बॉल कहां पर गई है। यही वजह रही कि पंत को बल्ले से लगकर बाउंड्री पार जाने के बाद बावजूद भी चार रन नहीं दिए गए। 

By anita

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