राज्य सरकार शहरी प्रवासियों, गरीब मजदूरों और विधवाओं को कम कीमत पर किराए पर मकान उपलब्ध कराएगी। किराया लोकेशन यानी क्षेत्र और मकान की हालत के आधार पर तय किया जाएगा। हर दो साल में आठ फीसदी किराया बढाया जाएगा। पहले 25 साल के लिए मकान को किराए पर देने का अनुबंध किया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना- सबके लिए आवास (शहरी) मिशन के अंतर्गत अफोर्डेबुल रेंटल हाउसिंग कांप्लेक्सेस योजना शुरू की जाएगी। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत विभिन्न योजनाओं में बने गैर आवंटित मकानों या बिल्डरों से बनवाकर किराए पर दिया जाएगा। बिल्डर अपनी जमीन पर अफोर्डेबल हाउसिंग रेंटल कॉम्प्लेक्स बनाकर अगर किराए पर देता है तो उसे एफएआर और जीएसटी समेत अन्य तरह की छूट की सुविधा दी जाएगी।

कोरोना काल में वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में काम करने के दौरान शहरी क्षेत्रों में सस्ते मकान किराए पर मिल सके इसके लिए पहले से बने अफोर्डेबल भवनों को किराए पर उठाया जाएगा। किराया तय करते समय मकान का क्षेत्र, उनकी गुणवत्ता आदि का ध्यान में रखा जाएगा।

योजना के लाभार्थी
शहरी प्रवासी, गरीब मजदूर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निन्म आय वर्ग के व्यक्ति, फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर, प्रवासी मजदूर, शिक्षण संस्थाओं व सत्कार कार्यों से जुड़े लोग, पर्यटक एवं छात्र पात्र होंगे।

इन्हें मिलेगी वरीयता
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, विधवाओं और कामकाजी महिलाओं, दिव्यांग, अल्पसंख्यकों को इसमें वरीयता दी जाएगी।

क्षेत्र के आधार पर तय होगा किराया
किराए क्षेत्र यानी लोकेशन के आधार पर तय किया जाएगा। किराया अनुबंध करते हुए मकान उपलब्ध कराया जाएगा। निर्धारित किराए में प्रत्येक दो साल में अधिकतम आठ प्रतिशत किराए में वृद्धि की जाएगी। पांच सालों में बीस फीसदी से अधिक वृद्धि नहीं होगी।

By anita

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