पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने अबकी बार, 200 पार का नारा दिया है। भले ही तमाम ओपिनियन पोल्स में बीजेपी के अप्रत्याशित उभार की बात कही गई है, लेकिन 200 के आंकड़े से उसे काफी पीछे बताया गया है। ऐसे में कैसे बीजेपी ने इस आंकड़े के पार जाएगी, इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने पार्टी का प्लान साझा किया है। अमित शाह ने बताया है कि कैसे बीजेपी अबकी बार, 200 पार के नारे को सफल करेगी। अमित शाह ने कहा कि हमने 2019 के लोकसभा चुनाव में जब 18 सीटें जीती थीं, तब भी किसी को यकीन नहीं था। यदि उन सीटों के नतीजों को विधानसभा में तब्दील करें, तब भी हम 200 के पार पहुंचते हैं।

हाल ही में जारी बीजेपी के संकल्प पत्र ‘सोनार बांग्ला’ में कई बड़े वादे किए गए। अमित शाह ने कहा कि हम सोनार बांग्ला बनायेंगे। बंगाल चुनाव के लिए भाजपा के घोषणा पत्र में महिलाओं की सुरक्षा, अवसंरचना विकास, स्वास्थ्य, उद्योग पर जोर दिया गया है। बंगाल चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में भाजपा ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का वादा किया है।

‘बंगाल में 200 प्लस सीटों पर जीतेगी बीजेपी’

अमित शाह ने 294 विधानसभा सीटों वाले राज्य में अपनी पार्टी के लिए 200 प्लस सीटों पर जीत का टारगेट रखा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि किसी को भी इस दावे पर संदेह हो तो वह 2019 के आम चुनावों के नतीजे देख सकता है जहां हमारे दो सांसद बढ़कर 18 हो गए और वोट शेयर तृणमूल कांग्रेस के लगभग बराबर हो गया। एक ओर जहां टीएमसी का कैंपेन ‘बंगाल की बेटी’ पर केंद्रित है वहीं बीजेपी बदलाव की बात कर बंगाल की जनता को लुभाने में जुटी है।

‘असम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत तय’

शाह असम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत तय मानते हैं, इसके अलावा  तमिलनाडु में भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन की जीत और केरल और पुडुचेरी में वे अपनी सीटों की संख्या में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। बीजेपी पर आरोप है कि उसने पश्चिम बंगाल में धर्म के आधार पर चुनावों का ध्रुविकरण किया है।

‘कमजोर हुआ है टीएमसी का कैंपेन’

शाह से पूछा गया कि आपने कहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को 200 से अधिक सीटें मिलेंगी। उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आप क्या कर रहे हैं? इसपर शाह ने जवाब दिया- पश्चिम बंगाल के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य के विकास के  दृष्टिकोण को स्वीकार किया है। राज्य में 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 18 सीटें जीतीं, इससे ये समझा जा सकता है कि हम विधानसभा में 200 से अधिक सीटें कैसे लाएं। यदि आप पिछली लोकसभा में भाजपा के प्रदर्शन को विधानसभाओं के साथ जोड़ते हैं, तो आपको समझ आएगा कि हम उस आंकड़े पर कैसे पहुंचे हैं। लोकसभा में 18 सीटें जीतने के बाद, विश्वास बढ़ गया है कि भाजपा जीत सकती है। इधर टीएमसी के कई नेताओं के पार्टी छोड़ देने से उनके कैंपन में कमी आई है।

‘किस तरह की धर्मनिरपेक्ष पार्टी है कांग्रेस?’

शाह से पूछा गया कि भाजपा असम में विपक्ष के गठबंधन को भाजपा कैसे समझती है? इसपर शाह ने कहा- मैं कांग्रेस को नहीं समझ पा रहा – असम में वे एआईडीयूएफ के साथ, केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ और पश्चिम बंगाल में फुरफुरा के पीरजादा (अब्बास सिद्दीकी के आईएसएफ) के साथ गठबंधन कर रहे हैं। यह किस तरह की धर्मनिरपेक्ष पार्टी है?

‘तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में बढ़ेगी BJP की सीटें’

शाह से पूछा गया कि-  क्या आपने कोई लक्ष्य रखा है कि तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में भाजपा कितनी सीटें जीतेगी?  इसपर शाह ने कहा- हम इन सभी राज्यों में सीट हिस्सेदारी में सुधार करेंगे। तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनेगी।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *