भारतीय रेलवे ने ट्रेन में यात्रा के दौरान या परिसर में धूम्रपान करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए व्यापक अभियान लॉन्च किया है। विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे में जानमाल के नुकसान, आग दुर्घटनाओं में कुछ दुर्घटनाएं रेलगाड़ी में धूम्रपान के कारण या ट्रेन से ज्वलनशील सामग्री ले जाने के कारण हुईं। ऐसी दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए भारतीय रेल ने संपूर्ण रेल प्रणाली में धूम्रपान तथा ज्वलनशील सामग्री ले जाने के खिलाफ यह अभियान शुरू किया है।

अभियान को 31 मार्च से कानूनी कार्रवाई के साथ लॉन्च किया गया, जो 30 अप्रैल तक चलेगा। मिशन मोड में कई कदम उठाने के निर्देश

> सघन जागरूकता अभियान के तहत सभी हितधारकों को शिक्षित करने के लिए सात दिनों का एक अभियान चलाया जा सकता है। हितधारकों में रेल का उपयोग करने वाले लोगों तथा पार्सल स्टाफ, लीज होल्डर और उनके स्टाफ, पार्सल पोर्टर, कैटरिंग स्टाफ और आउटसोर्स किए गए स्टाफ को स्टेशनों व गाड़ियों में आग की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।

> रेलगाड़ियों तथा रेल परिसर में धूम्रपान विरोधी सघन अभियान में इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध रेल अधिनियम या तम्बाकू अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज किया जा सकता है।

सिगरेट तथा अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के अंतर्गत वाणिज्य विभाग के टिकट कलेक्टर रैंक के एक अधिकारी या परिचालन विभाग के समक्ष रैंक के एक अधिकारी या आरपीएफ में एएसआई रैंक के अधिकारी को सक्षम अधिकारी के रूप में अधिसूचित किया गया है।

> पैंट्री कार (एलपीजी सिलेंडर ले जाने) सहित रेलगाड़ियों में ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के विरुद्ध नियमित जांच की जा सकती है और उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध रेल अधिनियम के मौजूदा सेक्शनों के अंतर्गत मामला दर्ज किया जा सकता है।

> आग लगने, खाना पकाने के लिए अंगीठी जलाने तथा ज्वलनशील मलबा संग्रह के मामलों को रोकने के लिए प्लेटफार्मों, यार्ड, वाशिंग, सिकलाइन और कोच रखे जाने की जगह पर नियमित जांच की जा सकती है।

> ज्वलनशील तथा विस्फोटक सामग्री की बुकिंग पर नियंत्रण के लिए पार्सल कार्यालयों व लीज होल्डरों के माध्यम से बुक किए गए पार्सलों की जांच की जा सकती है। रेलगाड़ियों तथा प्लेटफार्मों पर अंगीठी या स्टोव का इस्तेमाल करने वाले अधिकृत/अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

By anita

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