लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारत तीन और सड़कें बनाएगा । इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कुल 212.99 करोड़ की निविदाएं मंगाई हैं । इन तीनों सड़कों को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की चौकियों से जोड़ने वाले सड़क मार्ग के रूप में ‘ इंडो चीन बॉर्डर ‘ के नाम से जाना जाएगा ।

आईटीबीपी की चौकियों को जोड़ने वाली सड़कों को ‘ इंडो चीन बॉर्डर ‘ का दिया गया नाम

भारत-चीन सीमा पर सीपीडब्ल्यूडी की यह परियोजनाएं केंद्र शासित प्रदेश लेह में स्थित शिलुंग ला, न्याकमील और हेना के लिए हैं। यहां स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की चौकियों से जाने वाली सड़कों को ‘इंडो चीन बॉर्डर ‘ नाम दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तीनों सड़कें एकल लेन की होंगी।

इन तीन सड़कों के लिए मंगाई गई निविदाएं सीपीडब्ल्यूडी ने तीनों सड़कों के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी की गईं हैं, जिसमें एक 19 मार्च को , दूसरी 12 मार्च को और तीसरी दो मार्च को जारी की हैं। इन निविदाओं के लिए क्रमशः 8 अप्रैल और 15 अप्रैल को बोलियां खोलने की तिथि निर्धारित की। शिलुंग ला बेस तक 10.22 किलोमीटर की सिंगल-लेन सड़क परियोजना 42 महीने में पूरी होगी और इसकी लागत 93.80 करोड़ आंकी गई है। इसी तरह 9.29 किलोमीटर लम्बी न्याकमील सड़क परियोजना की अनुमानित लागत 55.37 करोड़ आंकी गई है और इस सड़क निर्माण के लिए 30 महीने का समय निर्धारित किया गया है।

आईटीबीपी पोस्ट के लिए 7.64 किमी. लम्बी हेना परियोजना में 63.82 करोड़ की लागत आएगी और इसके निर्माण के लिए भी 30 महीने की सीमा तय की गई है।

गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार 15 मार्च को केंद्र ने पैनल को लद्दाख में सीमा के साथ इस सड़क परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी थी। भारत-चीन सीमा पर 57 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही अरुणाचल प्रदेश में 47 चौकियां, 32 हेलीपैड और 18 फुट ट्रैक बनाए जा रहे हैं।

By anita

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