त्रिपुरा के राज्यपाल श्री रमेश बैस ने 28 फरवरी 2021 को त्रिपुरा के लोगों के नाम उदयपुर विज्ञान केंद्र समर्पित किया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रहलाद सिंह पटेल इस विज्ञान केंद्र के उद्घाटन समारोह में मुख्यतिथि के रूप में उपस्थित थे। साथ ही त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री श्री जिष्णु देव वर्मा और त्रिपुरा के कृषि, परिवहन एवं पर्यटन मंत्री श्री प्रणजीत सिंह रॉय विशिष्ट अतिथियों के रूप में मौजूद थे।

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इस अवसर पर बोलते हुए, राज्यपाल ने दर्शकों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व से अवगत कराया जो हर साल 28 फरवरी को मनाया जाता है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि विज्ञान केंद्र समाज में एक वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करने और आम लोगों के बीच, विशेष रूप से छात्रों के बीच नवाचार की संस्कृति को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक जागरूकता के प्रसार के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् (एनसीएसएम) और संस्कृति मंत्रालय की भूमिका की भी सराहना की।

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उदयपुर विज्ञान केंद्र और विज्ञान पार्क का दृश्य

श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् विज्ञान की संस्कृति को फैलाने में अहम भूमिका अदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह नया विज्ञान केंद्र छात्रों को विज्ञान के बारे में कई अज्ञात तथ्यों को जानने में सक्षम करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के योगदान और इस देश के लोगों, विशेषकर बच्चों को हमारी समृद्ध विज्ञान और प्रौद्योगिकी विरासत के बारे में सूचित किया जाना चाहिए।

एनसीएसएम के महानिदेशक श्री ए. डी. चौधरी ने बताया कि उदयपुर विज्ञान केंद्र 22वां विज्ञान केंद्र है जिसे एनसीएसएम द्वारा विकसित करके राज्य सरकार को सौंपा गया है। संस्कृति मंत्रालय की विज्ञान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए योजना के तहत राज्य सरकारों को विज्ञान केंद्र सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह विज्ञान केंद्र 6 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है जिसे भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के साथ-साथ त्रिपुरा के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग ने संयुक्त रूप से फंड किया है। इसके साथ ही एनसीएसएम ने सभी उत्तर पूर्वी राज्यों में विज्ञान केंद्र स्थापित किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीएसएम 2021 के दौरान भारत के विभिन्न हिस्सों में 4 और नए विज्ञान केंद्र खोलेगा।एनसीएसएम के महानिदेशक श्री ए. डी. चौधरी ने बताया कि उदयपुर विज्ञान केंद्र 22वां विज्ञान केंद्र है जिसे एनसीएसएम द्वारा विकसित करके राज्य सरकार को सौंपा गया है। संस्कृति मंत्रालय की विज्ञान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए योजना के तहत राज्य सरकारों को विज्ञान केंद्र सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह विज्ञान केंद्र 6 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है जिसे भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के साथ-साथ त्रिपुरा के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग ने संयुक्त रूप से फंड किया है। इसके साथ ही एनसीएसएम ने सभी उत्तर पूर्वी राज्यों में विज्ञान केंद्र स्थापित किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीएसएम 2021 के दौरान भारत के विभिन्न हिस्सों में 4 और नए विज्ञान केंद्र खोलेगा।

By anita

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