नई दिल्ली: भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को सेंटर फॉर डीएनए फ़िंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नॉस्टिक्स (CDFD) की रजत जयंती पर ‘बाल चिकित्सा दुर्लभ आनुवंशिक विकार प्रयोगशाला’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सेंटर फॉर डीएनए फ़िंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स एक अनूठी संस्था है। 

नायडू ने कहा, अपराध दर में असामान्य वृद्धि दुनिया में प्रमुख समस्या रही है। मुझे खुशी है कि सीडीएफडी अदालतों, एनआईए, सीबीआई को आपराधिक मामलों में सही निर्णय के लिए और आपदा से राहत प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक डीएनए फिंगरप्रिंटिंग सेवा प्रदान कर रहा है। नायडू ने कहा, इसीलिए हम इसे एक अनोखी संस्था कहते हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कृषि पर अधिक शोध होना चाहिए। 

उन्होंने कहा, कृषि हमारी मूल संस्कृति है। कृषि को कई तरह से संरक्षण, प्रोत्साहन की जरूरत है। कृषक समुदाय हमारे देश की रीढ़ है। आज भी देश की 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि पर और अधिक शोध होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *