लखनऊ:मंडी परिषद में जमकर हुए भ्रष्टाचार में कई अधिकारियों ने करोड़ों की मलाई चट की है. मंडी परिषद के निर्माण खंड में अधिकारियों ने करोड़ों का हेरफेर किया है. विभाग में सीमेंट खरीद से लेकर, दागी ठेकेदारों के चयन, काम में ढिलाई बरतने व मानकों के विपरीत कार्य करने और अनुशासनहीनता को लेकर मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त निदेशक और उपनिदेशकों के खिलाफ निलंबन व अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति बोर्ड बैठक के बाद मिनट्स जारी कर बीते गुरुवार को की. इस मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

आरोप है कि उपनिदेशक हरीराम ने अयोध्या कार्यकाल में मंडी समिति अकबरपुर क्षेत्र के तहत 5 संपर्क मार्गों की मरम्मत का काम बिना निविदा स्वीकृति के कराकर अपने स्तर से ठेकेदार का चयन कर पैसों का हेरफेर किया. वहीं, उनको टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों के पंजीकरण, विभागीय कार्यों में भ्रष्टाचार, बिना मुख्यालय से धन आवंटित हुए ठेकेदारों का भुगतान करने समेत कई मामलों में दोषी पाया गया है. निदेशक ने उन्हें निलंबित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं

मंडी परिषद के संयुक्त निदेशक निर्माण खंड गोपाल शंकर के खिलाफ निदेशक ने निलंबन का आदेश जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं.

उपनिदेशक निर्माण, वाराणसी राम नरेश के खिलाफ उच्चाधिकारियों के नाम पर ठेकेदार संतोष सिंह सहित अन्य ठेकेदारों से अवैध धन वसूली की गई. जिसका ऑडियो वायरल होने के बाद उपनिदेशक के खिलाफ कार्यवाही हुई |उप निदेशक अशोक कुमार के खिलाफ निर्माण खंड मिर्जापुर के दायित्वों से पलायन और अनुशासनहीनता के आरोपों को देखते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए.

शाहजहांपुर के क्षेत्रांतर्गत उपनिदेशक अतर सिंह ने मंडी स्थल बंडा में एसपीएफ के चारों ओर बने सीसी रोड की गुणवत्ता मानक के अनुरूप न होने, निर्माण खंड कानपुर के क्षेत्रांतर्गत संपर्क मार्ग की मरम्मत अधोमानक और डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में मिली कमियों को भी ठेकेदारों से न कराए जाने को लेकर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं.

उपनिदेशक नरेंद्र कुमार मलिक को साहिबाबाद में सफाई के लिए अनुबंधित ठेकेदार द्वारा मंडी स्थल की सफाई से निकलने वाले कचरे को नगर निगम निर्धारित स्थान पर न ले जाने के बावजूद भी ठेकेदार को लगातार भुगतान किया जाता रहा. ऐसे में उप निदेशकों के खिलाफ पर्यवेक्षीय दायित्वों में शिथिलता के संबंध में बरती गई अनियमितताओं को लेकर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए.

By anita

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