आज योगगुरू बाबा रामदेव ने कोविड-19 की नई दवा पेश की है। पतंजलि का दावा है कि नई दवा प्रमाणों पर आधारित है। नई दवा के पेश के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ। हर्षवर्धन एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी उपस्थित रहे। नई दवा का नाम भी कोरोनिल ही है। पतंजलि का बताना है कि कोरोनिल टैबलेट से अब कोरोना का उपचार होगा। आयुष मंत्रालय ने कोरोनिल टैबलेट को कोरोना की दवा के रूप में कबूल कर लिया है। पतंजलि का बताना है कि नई कोरोनिल दवा CoPP-WHO GMP सर्टिफाइड है। दवा पेश करते हुए बाबा रामदेव ने बताया कि योग आयुर्वेद को रिसर्च बेस्ड ट्रीटमेंट के रूप में चिकित्सा पद्धति के तौर पर अपनाया जा रहा है।

कोरोना की नई दवा पेश होने के पश्चात् बाबा रामदेव ने कहा कि मुझ पर बीते तीन दशकों से कितने प्रश्न उठे हैं, जब मैंने कहा था कि रोगों को नियंत्रित नहीं आप समाप्त कर सकते हैं, अब सारे सर्टिफिकेशन के साथ हमारे पास 250 से ज्यादा रिसर्च पेपर है, अकेले कोरोना के ऊपर 25 रिसर्च पेपर है, अब कोई विश्व में प्रश्न नहीं उठा सकता। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि कोरोनिल का उपयोग पहले से लोग कर रहे थे, किन्तु अब डीजीसीए के पश्चात् हमें डब्लूएचओ से अप्रूवल प्राप्त हो गया है, ये 154 देशों के लिए अप्रूवल मिला है, इसके पश्चात् हम अब ऑफिशियल तौर पर कोरोनिल का निर्यात कर सके हैं, हम वैज्ञानिक पद्धति से कोरोनिल पर रिसर्च किया।

इस के चलते बाबा रामदेव ने कहा कि हेल्थ के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर तथा ग्लोबल लीडर बन रहा है, योग और आर्युवेद को हम वैज्ञानिक प्रमाणिकता के साथ स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, पतंजलि ने सैकड़ों रिसर्च पेपर अब तक पब्लिश किए हैं, हमने योग क्रियाओं को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ दुनिया के सामने रखा है। बाबा रामदेव ने बताया, ‘जब हमने कोरोनिल के माध्यम से लाखों लोगों को जीवनदान देने का काम किया तो कई लोगों ने प्रश्न उठाए, कुछ लोगों के मन में रहता है कि रिसर्च तो सिर्फ विदेश में हो सकती है।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *