मध्य प्रदेश के सीधी में एक यात्री बस अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। अब इस दर्दनाक हादसे के पीछे बस ड्राइवर की गलती निकलकर आई है। दरअसल, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि ड्राइवर ने ही जाम से बचने के लिए शॉर्टकट रास्ता चुना था, जो नहर के किनारे से गुजरता है। रास्ता काफी संकरा था इसके बावजूद ड्राइवर ने बस इसी रूट से निकाली और आखिरकार नियंत्रण बिगड़ने से वह नहर में जा गिरी। इस हादसे में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा बदल भी सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस में 32 लोगों को बैठाने की क्षमता थी लेकिन इसके बावजूद इसमें करीब दोगुने यानी पचास से ज्यादा यात्रियों को बैठाया गया। सीधी से निकलते के बाद छुहिया घाटी से होते हुए बस को सतना तक जाना था। झांसी-रांची स्टेट हाईवे की सड़क खराब है और पूरी बनी नहीं है, जिसके कारण आए दिन जाम लगता है। ड्राइवर ने इसी जाम से बचने के लिए रास्ता बदल लिया था।

फिलहाल बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। इस हादसे की वजह से मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक को निरस्त कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश के सीधी में एक तेज रफ्तार बस के नहर में गिरने से बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। अपने घरों से परीक्षा देने या अन्य कामों से निकले 42 लोगों की मौत हो गई है। अब भी बचाव और राहत कार्य जारी है। मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि बस में 54 लोग सवार थे, जिनमें से 7 को जिंदा निकालने में सफलता मिली है और 42 शव निकाले गए हैं। यह बस सीधी से सतना की ओर जा रही थी। मृतकों में 12 छात्र भी थे। ये सभी रेलवे की परीक्षा देने सतना जा रहे थे।

By anita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *