मुंबई: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने आइडिया को बहुत बेहतरीन अंदाज से पेश करते हैं। अब बीते रविवार को भी उन्होंने कुछ ऐसा ही किया। जी दरअसल बीते रविवार को वह नागपुर में सड़क सुरक्षा से जुड़े एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने 12 जनवरी को लॉन्च हुए गोबर से पेंट और डिस्टंपर बनाने की योजना पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा, ‘फोकट में दो तो लोगों को लगता है कि गडकरी के पास खूब हराम का माल है। लोगों को अब तक सब फोकट में लेने की आदत पड़ गई है। हम भी अब तक सब फोकट में देते आ रहे थे। लेकिन, अब किसी को कुछ फोकट में नहीं मिलेगा। कुछ देने से पहले एक रुपया ही सही, लेकिन लूंगा।’

इसी के साथ उन्होंने भविष्य के भारत के सपने के बारे में बताते हुए कहा, ‘गोबर से पेंट बनाने की एक फैक्ट्री को बनाने में 15 लाख रुपए का खर्च आता है। ऐसी फैक्ट्री अगर हर गांव में लगाई जाए तो गांव-गांव में रोजगार बढ़ेगा। गोबर भी तब गोबर के भाव में नहीं बिकेगा। रंग बनाने के लिए यह गोबर 5 रुपए किलो बेचा जाएगा। जयपुर में इसके लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।’ इसके अलावा उन्होंने इसे इकोफ्रेंडली और स्वास्थ्य के लिए नुकसानरहित बताया था। आगे गोबर से पेंट बनाने के आइडिया पर बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा, ‘फ्री में पाने की आदत अब बदलनी होगी। सही विकास तभी होगा जब गोबर बेचने के किसानों को सही पैसे मिलेंगे। मेरे घर में 25 जानवर हैं। इन गाय, बैल, भैंसों से उन्हें कम से कम 300 किलो गोबर मिलेंगे। इससे रोज 1500 रुपए की कमाई हो सकती है। ये 1500 महीने में 40 हजार रुपए हो जाते हैं। इस तरह गांव-गांव में रोजगार बढ़ेगा।’

इसके अलावा उन्होंने कार्यक्रम में यह भी बताया कि, ‘देश में ड्राइविंग लाइसेंस बहुत आसानी से मिल जाता है। देश में 30 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस बोगस हैं। अब से अगर कोई अपनी गाड़ी रास्तों पर खड़ी करेगा तो मोबाइल से उसकी तस्वीर खींच कर भेजने वाले को उस गाड़ी के मालिक से फाइन में मिले पैसे का आधा हिस्सा दिया जाएगा, आधा सरकार के खाते में जाएगा।’

By anita

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