हम कितना कुछ ऐसा खाते हैं, जिससे हमारा लिवर धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है। लिवर का खराब होना अचानक नहीं होता बल्कि इससे जुड़ीं परेशानियों के संकेत हमें मिलते रहते हैं। लिवर शरीर का वर्कहाउस है। यह भोजन में मौजूद वसा और कार्बोहाइड्रेट को सुपाच्य बनाता है। यह नेचुरल फिल्टर है, जो विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर के लिए उपयोगी प्रोटीन यहां बनता है और पाचन के लिए उपयोगी पित्त का स्राव भी लिवर में ही होता है। 

लिवर की इन परेशानियों को न करें अनदेखा
त्वचा, नाखून और आंखों का पीलापन। ऐसा पित्त की अधिकता के कारण होता है, जिस कारण पेशाब में भी पीलापन नजर आता है।
लिवर में खराबी होने पर बाइल (पित्त) एंजाइम मुंह तक आ जाता है, जिससे मुंह कड़वा रहने लगता है। 
हर समय घबराहट व उल्टी की शिकायत रहती है। ऐसा शरीर में बनने वाले पित्त के कारण होता है।
पेट में सूजन व हर समय भारीपन का एहसास होना।   
हर समय आलस महसूस होना, किसी काम में मन न लगना और हर समय नींद आना। 
हर समय असमंजस में रहना, चीजों को भूलना।  

लिवर को बचाने के लिए अपनाएं टिप्स 
नमक केवल उच्च रक्तचाप का कारण नहीं होता। यह लिवर को भी हानि पहुंचाता है।
एक शोध में पाया गया है कि जिनके शरीर का निचला हिस्सा भारी होता है, वे आमतौर पर नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज से पीड़ित होते हैं। 
देर तक एक ही जगह बैठे रहने की वजह से नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है। हमारे शरीर की बनावट ऐसी है कि उसे स्वस्थ रखने के लिए सक्रिय रहना जरूरी है। अगर मूवमेंट्स कम हैं, तो लिवर की सेहत बिगड़ने लगती है। 
बहुत ज्यादा नमक और चीनी का सेवन न करें।
35 साल की उम्र के बाद एक बार लिवर फंक्शन टेस्ट करा लेना चाहिए। लिवर में एलानाइन और एसपारटेट एंजाइम्स का बढ़ा सीरम स्तर लिवर गड़बड़ी का संकेत देता है।

By anita

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