फैन्स ने प्रियंका चोपड़ा के एक्टर, एंटरटेनर, प्रोड्यूसर और क्वीन की तरह देखा है। अब वह एक लेखिका भी बन चुकी हैं। हाल ही में इनकी किताब ‘अनफिनिश्ड’ रिलीज हुई है। एक्ट्रेस ने इस बुक में अपने बोर्डिंग स्कूल से लेकर बॉलीवुड में उड़ाए जाने वाले मजाक, नफरत भरे कॉमेंट्स और बुरे फैशन सेंस पर खुलकर बात की है। प्रियंका ने यह बुक खुद लिखी है। इसके अलावा प्रियंका ने बताया है कि पूरी प्रोफेशनल लाइफ में उनकी नाक का मजाक किस तरह उड़ाया गया, जिसने उन्हें काफी ठेस पहुंचाई है।

प्रियंका चोपड़ा ने अपनी नोज सर्जरी पर बात करते हुए कहा, “मैं डॉक्टर के पास गई थी, जिसे मेरे परिवार के लोगों ने रिकमेंड किया था। उन्हें मेरी नाक की नेजल केविटी में पॉलिप मिला, जिसे हटाना था। यह सिर्फ सर्जरी से ही हट सकता था। यह वैसे तो रुटीन प्रोसीजर होता है, लेकिन मेरे केस में ऐसा नहीं हुआ। पॉलिप के लिए मैं सर्जरी कराने गई तो डॉक्टर से गलती से मेरी नाक की ब्राइड हट गई, जिसकी वजह से नाक का ब्रिज डैमेज हो गया। जब पट्टियां हटाने की बारी आई तब मैंने अपनी नाक की स्थिति देखी। मैं और मां, हम दोनों ही डर गए थे। मेरी असली नाक पूरी तरह से जा चुकी थी। मेरा चेहरा पूरी तरह से अलग दिख रहा था। मैं नहीं थी वह। मैं यह सब देखकर टूट गई थी और उम्मीद खो चुकी थी। मैं जब भी शीशा देखती थी तो ऐसा लगता था कि अजनबी इंसान मुझे देख रहा है और हंस रहा है।”

प्रियंका आगे कहती हैं कि मैं खुद को और अपने आत्मविश्वास को खो चुकी थी। मुझे लगने लगा था कि मैं इस चीज से कभी बाहर नहीं आ पाऊंगी। यह एक्सपीरियंस मेरे और परिवार के लिए काफी इमोशनल था, क्योंकि मेरे माता-पिता भी डॉक्टर थे। मुझे सबसे ज्यादा चोट इस चीज ने पहुंचाई कि मेरी नाक की सर्जरी पब्लिक अफेयर बन चुकी थी। लोग मुझे प्लास्टिक चोपड़ा बुला रहे थे। अचानक से यह नाम अखबारों और आर्टिकल्स में आने लगा था, जिसने मेरे पूरे प्रोफेशनल लाइफ में मेरा पीछा किया। 

प्रियंका कहती हैं कि खुद को हील करने के लिए उन्होंने कई कोर्स जॉइन किए। आज तक कर रही हैं। मैं एक पब्लिक फिगर हूं, इसका मतलब यह नहीं कि मेरी हर चीज पब्लिक की जाएगी। यह तो केवल मैं ही तय कर सकती हूं कि क्या जाना चाहिए और क्या नहीं। पॉलिपेक्टॉमी के बाद मैंने नाक ठीक कराने के लिए कई सर्जरी कराईं। खुद को अलग तरह से पाने के बाद मैं खुश हूं। 

By anita

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