नई दिल्ली. कानपुर नगर जिले में होजरी सिलाई क्लस्टर बनना लभगभ तय माना जा रहा है. इस संबंध में  9 फरवरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग और यूपीएसआइसी (यूपी लघु उद्योग निगम) की बैठक होगी, जिसमें इस पर सहमति बन सकती है. क्लस्टर बनाने के बाद सिलाई कामगारों के लिए रोजगार की समस्या खत्म हो जाएगी.

हजारों कामगारों को रोजगार मिलने की संभावना
जागरण डाट काॅम में छपी खबर के अनुसार, कानपुर नगर जिले के दादा नगर में सिलाई क्लस्टर बनाए जाने की योजना बनाई गई है. इसमें सिलाई कामगार से जुड़े करीब एक लाख कामगारों को रोजगार मिलने की संभावना है.

कानपुर नगर जिले में करीब 400 से अधिक छोटी यूनिट सिलाई की है. इसके अलावा यहां पर ट्रेनिंग सेंटर भी बनाने की भी योजना है, यहां पर कामगारों को नई टेक्नोलॉजी पर आधारित मशीनों पर काम करने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

क्लस्टर बनने से यह होगा फायदाक्लस्टर बनने के बाद होजरी उद्योग को नई टेक्नोलॉजी का फायदा मिलेगा, जिससे कारोबार बढ़ेगा और कामगारों को रोजगार मिलेगा.संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, क्लस्टर बनाने लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है. इस संबंध में सिलाई क्लस्टर एसोसिएशन के साथ उद्योग विभाग व यूपीएसआइसी की बैठक भी पहले हो चुकी है. एसोसिएशन ने अपनी पूरी योजना बनाकर दे दी है. अब एमएसएमई के साथ होने वाली बैठक में इस पर सहमित बनने के आसार हैं.

फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की भी योजना
सिलाई क्लस्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी व फेडरेशन आफ होजरी मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन नार्दन जोन के सचिव बलराम नरूला के अनुसार सिलाई क्लस्टर के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री भी बनाए जाने की योजना है. यहां पर इस कारोबार से संबंधित सभी काम होंगे. इस कारण कामगारों को उचित पैसा भी मिलेगा. साथ ही एक फैसिलेटेड सेंटर भी बनाए जाने की योजना बनाई गई है.

By anita

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