दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन लगाने की शुरुआत हो चुकी है. वहीं, भारत भी अब अन्य देशों को गिफ्ट के तैर पर वैक्सीन देने का काम कर रहा है. इसी कड़ी में भारत ने कुवैत को स्वदेशी वैक्सीन की पहली खेप दे दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.दुनियाभर में वैक्सीन लगाने की मुहिम युद्धस्तर पर जारी है. भारत अब अन्य देशों को स्वदेश में बनी कोरोना वैक्सीन भी मुहैया करवा रहा है. वैक्सीन डिप्लोमेसी के तहत भारत लगातार कई देशों को अपने यहां बनी वैक्सीन की खेप पहुंचा रहा है. इसी कड़ी में आज भारत ने कुवैत को कोरोना वैक्सीन की पहली खेप भेज दी है

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बात की जानकारी दी.एस. जयशंकर ने ट्वीट किया, “स्वदेश में बने कोरोना वैक्सीन का पहला खेप आज कुवैत पहुंच चुका है.” उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरी होगी और संबंध और मजबूत होंगे.

कठिन समय में भारत कर रहा अन्य देशों की मदद

भारत ऐसे समय में अन्य देशों की मदद कर रहा है जब लगभग पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है. भारत में बने कोरोना वैक्सीन को अब कई देशों ने इमरजेंसी मंजूरी भी दे दी है. इसके अलावा, भारत अब उन देशों की लिस्ट में भी शामिल हो गया है जहां कोरोना वैक्सीन लगाने की मुहिम बहुत तेजी से चल रही है. कई देशों ने मदद देने के लिए भारत को धन्यवाद भी दिया है. इससे भारत की मित्र देशों के साथ दोस्ती और गहरी हुई है.

भारत ने सभी सार्क देशों को भेजा वैक्सीन

भारत ने पहले ही पुणे स्थित देश की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट की तरफ से तैयार कोरोना की वैक्सीन को सिर्फ पाकिस्तान और अफगानिस्तान को छोड़कर सभी सार्क देशों को गिफ्ट के तौर पर भेज दिया है. एक तरफ जहां भारत की तरफ से वैक्सीन के 5 लाख डोज की खेप 27 जनवरी को श्रीलंका को भेजी गई तो वहीं दूसरी तरफ सरकार ने काबुल को आश्वस्त किया है कि जैसे ही स्थानीय रेगुलेटर की तरफ से इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी जाती है तो अफगानिस्तान उसकी प्राथमिकताओं की सूची में सबसे ऊपर होगा.

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा शुक्रिया

WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम ने हाल ही में अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा कि, “कोविड-19 के खिलाफ विश्व भर में जारी प्रयासों में लगातार सहयोग देने के लिए हम भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हैं. हम मिलकर काम कर और ज्ञान साझा करके ही इस वायरस को रोक सकते हैं और जिंदगियों को बचा सकते हैं.”

By anita

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