कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में कोरोना महामारी के कारण अपने दिग्गज नेता अमहद पटेल को खो दिया। इसके बाद से उनके बेटे फैजल पटेल के राजनीति में आने को लेकर कयासबाजी हो रही थी। हालांकि उन्होंने इसपर खुद विराम लगा दिया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि वह सक्रिय राजनीति में शामिल नहीं होंगे। साथ ही यह भी कहा कि वह अपने पिता की विरासत का पालन करना जारी रखेंगे जो कि दलितों और वंचितों के लिए काम करना था।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैंने निर्णय लिया है कि सक्रिय राजनीति में शामिल नहीं होऊंगा। मैं स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी मौजूदा सामाजिक पहलों पर काम करना जारी रखूंगा। स्वर्गीय अहमद पटेल की सच्ची विरासत दलितों के लिए काम करना है। मैं इसे जारी रखने की प्रतिज्ञा करता हूं।” उन्होंने #wemissahmedpatel के साथ इसकी घोषणा की।

आपको बता दें कि फैजल पटेल हार्वर्ड बिजनेस स्कूल और दून स्कूल के छात्र रह चुके हैं। वह एक बिजनेसमैन हैं, जो बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ब्लॉकचेन का बिजनेस करते हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का 71 वर्ष की उम्र में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में कई अंग खराब होने के कारण 25 नवंबर, 2020 को मृत्यु हो गई। वह कोरोना से पीड़ित था।

अहमद पटेल गुजरात से राज्यसभा सांसद थे। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोषाध्यक्ष भी थे। एक अक्टूबर को वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। स्थिति खराब होने पर उन्हें 15 नवंबर को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आईसीयू में भर्ती किया गया था।

By anita

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