असल में सोयाबीन एक तरह की फली है,जो प्रोटीन के साथ-साथ कई खनि‍ज और विटामिन से भरपूर होती है। निश्चित रूप से इसका सेवन आपको सोया चंक्‍स के सेवन से ज्‍यादा फायदे देता है|

सोया मिल्क हो या सोया चंक्‍स, सोयाबीन हमेशा से बच्‍चों और बड़ों की पसंदीदा रही हैं। सोयाबीन एक तरह की दाल है, जिसे प्रोटीन का उत्‍तम स्रोत माना जाता है। इसमें दूध, मांस और अंडे से भी ज़्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है। इनके सेवन से शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार होता है। सोयाबीन वसा का अच्छा और सस्ता स्रोत माना जाता है। इससे दूध, टोफू, सोया सॉस व बीन पेस्ट बनाए जाते हैं।

सोयाबीन में कई तरह के विटामिन्स मिनरल्स और प्रोटीन मौजूद होते हैं। साथ ही ये डायबिटीज को नियंत्रित करने, वज़न घटाने और दिल की समस्याओं को दूर करने में भी मददगार है। ये पाचन तंत्र में सुधार कर, अच्छी नींद को बढ़ावा देता है।

क्‍यों सोया चंक्‍स से ज्‍यादा पोषणयुक्त है सोयाबीन की फली?

असल में सोया चंक्‍स सोया से बचे रफेज से बनी होती हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया में सोयाबीन्‍स से उनका नेचुरल ऑयल और फाइटोएस्ट्रोजेन्स अलग हो जाते हैं। जिसके चलते ये प्रोटीन का तो बेहतरीन स्रोत होता है। परंतु इसमें अन्‍य विटामिन कम हो जाते हैं।

सोयाबीन की हरी सब्‍जी न्‍यूट्री से ज्‍यादा पौष्टिक है। चित्र: शटरस्‍टॉक

जबकि सोयाबीन या सोया की फलियां अपनी नेचुरल फॉर्म में मौजूद होती हैं। जो आपके शरीर को प्रोटीन के साथ-साथ अन्‍य विटामिन भी प्रदान करती है।

1 हड्डियों के लिए फ़ायदेमंद

सोयाबीन खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं। सोयाबीन में फाइटोएस्ट्रोजेन्स (phytoestrogens) और प्रोटीन पाए जाते हैं, जो हड्डियों को कमजोर होने से बचाने में मददगार हैं। साथ ही यह कोशिकाओं की मरम्मत कर उन्हें दुरुस्त रखती हैं। कैल्शियम की कमी वाले लोगों को सोया चंक्‍स की बजाए ताजा सोयाबीन का सेवन करना चाहिए।

2 वज़न घटाने में कारगर:

सोयाबीन में गुड फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेन्टेन रखने में मदद करता है। जिससे वज़न आसानी से घटाया जा सकता है। दरअसल, सोयाबीन प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ है। जिसे पचाने के लिए शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत पड़ती है।

सोयाबीन वजन कम करने में आपकी मदद करती है। चित्र : शटरस्‍टॉक

इससे शरीर की एनर्जी का सही उपयोग हो सकता है और फैट बनने से रोकने में मदद मिल सकती है। सोयाबीन खाने से पेट भी जल्दी भर जाता है और भूख भी नहीं लगती। जिससे आप क्रेविंग से बची रहती हैं।

3 स्वस्थ ह्रदय के लिए लाभदायक :

सोयाबीन खाने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के खून में वसा की मात्रा बढ़ जाती है और सोयाबीन का सेवन करने से यह नियंत्रित की जा सकती है।
इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो सूजन और हृदय रोग को रोकने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इस तरह सोयाबीन के सेवन से हृदय संबंधी रोगों से लड़ने में मदद मिल सकती है।

4 मज़बूत बालों के लिए :

ताजी सोयाबीन बालों के लिए भी लाभदायक हैं। सोयाबीन के बीज में फाइबर, विटामिन-B , विटामिन-C और अन्य मिनरल पाए जाते हैं। ये बालों के विकास और मजबूती में सहायक हैं। इसमें आयरन की भी अच्छी मात्रा मौजूद होती है, जो बालों को जड़ों से मज़बूत कर, झड़ने से रोकता है।

5 कोलेस्ट्रॉल रहता है कंट्रोल :

सोयाबीन का सेवन कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी फायदेमंद है। सोयाबीन के बीज में पाए जाने वाले गुड फैट्स आपके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करते हैं। सोयाबीन के सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा तो कम होती ही है, साथ ही यह शरीर के विकास में भी मदद करता है।

यह कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को भी कंट्राेल रखती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

6 नींद और अवसाद से छुटकारा

सोयाबीन एस्ट्रोजन (estrogen) लेवल को बढ़ता है, जिसे फ़ीमेल हॉर्मोन भी कहा जाता है। ये नींद की अवधि में वृद्धि करता है। नींद पूरी होने से अवसाद की समस्या भी दूर हो सकती है। अगर आप भी अनिद्रा और अवसाद से परेशान हैं तो आपको अपने आहार में ताजा सोयाबीन को जरूर शामिल करना चाहिए।

7 मस्तिष्क के लिए फ़ायदेमंद

सोयाबीन मस्तिष्क के विकास में मदद करती है। इसलिए इसे बढ़ते बच्चों को खिलाने की सलाह दी जाती है। इसमें मौजूद फॉस्फोरस दिमाग के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद होता है। इसे खाने से याददाश्त मज़बूत होती है।

By anita

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