पणजी. द्वितीय विश्वयुद्ध पर आधारित डेनमार्क की फिल्म ‘इनटू द डार्कनेस (Into the Darkness)’ को शीर्ष पुरस्कार से नवाजा गया. इसके साथ ही रविवार को भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के 51वें संस्करण का समापन हो गया. एंड्रेस रेफ्न द्वारा निर्देशित ‘इनटू द डार्कनेस’ में डेनमार्क पर नाजियों के कब्जे के दौरान लोगों की मुश्किलों और भावनात्मक उथल-पुथल को दर्शाया गया है.

फिल्म के निर्देशक रेफ्न और निर्माता लेने बोरग्लम को पुरस्कार के रूप में 40 लाख रुपए की नकद धनराशि प्रदान की गई. हालांकि वे दोनों ही समारोह में मौजूद नहीं थे. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता तथा निर्देशक का पुरस्कार ताइवान की फिल्म ‘द साइलेंट फोरेस्ट (The Silent Forest)’ के नाम रहा.

इस फिल्म में बधिर का किरदार निभाने वाले ताइवानी अभिनेता जू चुआन लियू (17) को ‘सिल्वर पीकॉक फॉर बेस्ट एक्टर’, जबकि चेन नियेन को एक स्कूल में दिव्यांग बच्चों के साथ होने वाले हृदय विदारक व्यवस्थागत यौन उत्पीड़न को दर्शाने के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. सर्वश्रेष्ठ एक्ट्रेस का पुरस्कार ‘आई नेवर क्राई’ की पोलेंड की अभिनेत्री जोफिया स्टाफियेज के नाम रहा.

तीन भारतीय फिल्में ‘ब्रिज’, ‘ए डॉग एंड हिज मैन’ और ‘थेन’ को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता श्रेणी में नामित किया गया था. इस श्रेणी में दुनिया भर की 15 फिल्मों को नामित किया गया था, हालांकि केवल ‘ब्रिज’ ही ‘स्पेशल मेंशन’ पुरस्कार अपने नाम करने में कामयाब रही. वेटरन भारतीय एक्टर बिश्वजीत चटर्जी (Biswajit Chatterjee) को ‘इंडियन पर्सनालिटी ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार दिया गया. पुरस्कार के साथ उन्हें 10 लाख रुपए की धनराशि भी दी गई. महाराष्ट्र और गोवा के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें यह पुरस्कार दिया.भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 51वें संस्करण के दौरान कुल 224 फिल्में दिखाई गईं. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इस बार समारोह का आयोजन हाईब्रिड मोड में किया गया था. यानी कुछ फिल्मों को ही सिनेमाघरों में और कुछ को ऑनलाइन माध्यमों से दर्शकों को दिखाया गया.

By anita

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