देश में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों पर दिशानिर्देशों की समीक्षा करने के लिए गठित समिति ने अपने सुझाव एक रिपोर्ट के रूप में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर को सौंपे। शीर्ष स्‍तर की इस समिति ने दिये गए दो महीने में अपने कार्य को पूरा करते हुए आज रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट की प्रति प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्‍पति ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को सौंपी। साथ ही उन्‍होंने ट्वीट करके समिति के सदस्‍यों और संबंधित लोगों को धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

प्रसार भारती के सीईओ ने ट्वीट करके समिति के सदस्‍य सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक डॉ. आर के उपाध्‍याय, आईआईटी कानपुर के प्रो. शलभ, आईआईएम बेंगलुरु के प्रो. पुलक घोष को उनके योगदान के लिए धन्‍यवाद ज्ञापित किया। साथ ही समिति की ओर से उन्‍होंने आईबीएफ, आईएसए, एएएआई और कम्‍युनिटी न्‍यूज़ प्रसारणकर्ताओं, संबंधित एजेंसियों और बार्क इंडिया को फीडबैक देने के लिए धन्‍यावद दिया।

गौरतलब है कि भारत में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों द्वारा दी जाने वाली टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) के विरुद्ध बार-बार शिकायतें आ रही थीं, जिस पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद एक समिति के गठन का फैसला किया गया।

दरअसल कुछ वर्षों के लिए दिशानिर्देशों के संचालन के आधार पर यह महसूस किया गया कि विशेष रूप से भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई), तकनीकी प्रगति/निगरानी की हालिया सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए दिशानिर्देशों पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता है।

इसी क्रम में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 2014 में अधिसूचित “भारत में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों पर दिशानिर्देश” की समीक्षा के लिए शशि शेखर वेम्‍पति की अध्‍यक्षता में एक समिति का गठन किया। 4 नवम्‍बर को गठित इस समिति को अपनी सिफारिशें देने के लिए दो महीने का समय दिया गया।

बीते दो महीने में समिति ने भारत में टेलीविजन रेटिंग सिस्टम के विषय पर विभिन्न मंचों और दूरसंचार नियामक प्राधिकरण द्वारा दी गईं सिफारिशों का अध्ययन किया। क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्‍पर्धा को देखते हुए इस पर सुझाव तैयार किए। साथ ही मौजूदा दिशा-निर्देशों की समीक्षा की ताकि विभिन्न हितधारकों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। कुल मिलाकर समिति का उद्देश्‍य भारत में मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह रेटिंग प्रणाली को आगे बढ़ने का है।

By anita

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