नई दिल्ली । लगता है कि किसानों का विरोध कृषि कानूनों का नहीं केन्द्र सरकार और नरेन्द्र मोदी का विरोध है। सरकार ने जब कहा कि कानून मे जिन जिन मुद्दों पर आपत्ति है, सरकार संशोधन के लिए तैयार है। लेकिन किसान नेता अडे हैं कि कानून वापस लो तभी मानेंगे।

यही कारण था कि कृषि कानूनों के मुद्दे पर किसानों और सरकार के बीच आज की बैठक भी बेनतीजा रही। सरकार और किसान अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
सरकार ने आज की बैठक में साफ कर दिया कि वो कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। वहीं किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। आज की बैठक में भी कोई हल नहीं निकलने के बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच 15 जनवरी को एक बार फिर दोपहर बारह बजे बैठक होगी।

ढाई घंटे तक चली आज की बैठक खत्म होने के बाद कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मीडिया को बताया कि हमने किसान नेताओं से कानून वापसी के अलावा विकल्प मांगे लेकिन उन्होने कोई विकल्प नहीं दिया। हमने उनसे कहा कि आप विचार कीजिए और हम भी विचार करेंगे। उम्मीद है कि अगली बैठक मे कोई समाधान निकलेगा।

कानून वापस लिए जाने के मसले पर तोमर ने कहा कि जो विधेयक संसद के दोनो सदनों से पारित हो चुका है। उसे रद करना का अधिकार सिर्फ सुप्रीम कोर्ट को है। ग्यारह जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। देखते हैं कि क्या होता है। उसके बाद उसी आधार पर 15 जनवरी को नौवे दौर की बात होगी। उन्होने कहा देश के सैकड़ो किसान संगठन कृषि सुधार कानून का समर्थन कर रहे हैं। हमे उनकी और देश की भावनाओं का भी ध्यान रखना होगा।

जाने माने धर्म गुरू बाबा लक्खा सिंह से तोमर मिले

कृषि मंत्री ने बताया कि गुरूवार को बाबा लक्खा सिंह से भेंट कर उनको सारी बात बताई। बाबा जी ने ध्यान से बात सुनी। वह किसान नेताओ से बात कर सकते है।

बातचीत से पहले गृह मंत्री के घर पर हुई
बैठक में नरेंद्र तोमर और पीयूष गोयल रहे मौजूद। इस बैठक में देरी तक विचार विमर्श हुआ।

किसान नेता ने लिखा नोट- या मरेंगे या जीतेंगे

सरकार के साथ जारी बैठक में किसान नेता बलवंत सिंह ने एक नोट लिखा है। सरकार से नाराज दिख रहे बलवंत सिंह ने लिखा कि या मरेंगे या जीतेंगे। वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर मिली थी कि किसानों ने लंच नहीं किया। किसान नेता शांत नजर आए ।
सरकार और किसान संगठनों की बैठक में लंच ब्रेक के दौरान केंद्रीय मंत्री मीटिंग रूम से बाहर तो निकले, लेकिन किसान नेता अंदर ही मौजूद रहे।।

प्रियंका वाड्रा का ट्वीट

कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा ने किसानों के मुद्दे पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि किसान अपनी MSP के लिए आवाज उठाएगा तो उसे छज्जे गिराने की धमकी दी जाएगी। यूपी में सरकारी गड़बड़ी की वजह से 7.5 लाख से अधिक किसानों को ‘सम्मान निधि’ नहीं मिली लेकिन सरकार ने किसान आंदोलन रोकने के लिए नोडल अधिकारी बनाएं हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बीजेपी किसानों का ऐसे सम्मान करती है।

By anita

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