साल 2018 में कॉंग्रेस में शामिल हुयी उर्मिला मातोंडकर ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद ही कांग्रेस पार्टी छोड़ दिया था | फिल्म अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने कांग्रेस पार्टी के वर्क कल्चर पर सवाल उठाये थे और आरोप लगते हुए कहा था कि कांग्रेस party में लोगों को मेरी जीत से ज्यादा मुझ में इंट्रेस्ट है | कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद हालाँकि उर्मिला ने राजनीती से नाता तोड़ लेने की बात कही थी लेकिन अब वो महारष्ट्र में कांग्रेस की मुख्य सहयोगी पार्टी शिवसेना को गले लगा ली हैं | उर्मिला मातोंडकर के शिवसेना में शामिल होते ही महाविकास अघाड़ी सेना की अंदरूनी कलह खुल कर सामने आ गया है | सब कुछ ठीक है का दावा करने वाली महा विकास अघाड़ी वाली सेना में अब कुछ भी ठीक नज़र नहीं आ रहा है |

चुनाव आयोग के विवरण के मुताबिक उर्मिला मांतोडकर को कांग्रेस ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 50 लाख रुपये दिए थे | उसमें से उर्मिला ने 30 लाख रुपयों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान किया था | 2019 के लोकसभा चुनाव में वो हार गयीं | जिसके बाद उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया था | लेकिन बाद में कांग्रेस के बचे हुए 20 लाख रुपयों को उर्मिला ने शिवसेना ज्वाइन करने के लिए उद्धव सरकार के “सीएम रिलीफ फंड” में दान कर दिये |

इस दान के साथ ही महाराष्ट्र कांग्रेस ने बवाल खड़ा कर दिया है | और उर्मिला से सवाल पूछ रही है है | महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष सुरेश शेट्टी ने उर्मिला के नियत पर सवाल खड़े करते हुए , पार्टी फण्ड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है और ये कहते हुए कि पार्टी का पैसा पार्टी के फण्ड में वापस होना चाहिए ये पैसे वापस मांग रहे है |

सुरेश शेट्टी के इस आरोप का जवाब देते हुए उर्मिला ने कहा है कि जो लोग अभी सवाल उठा रहे हैं वो उस वक़्त कहाँ थे जब वो इन पैसे को कोरोना काल में लोगों की मदद केवलिये सीएम रिलीफ फंड में दान दे रहीं थीं | उन्होंने ये पैसा कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट की अनुमति से पार्टी में दान दिया था | उर्मिला मातोंडकर का कहना है कि सीएम फंड में उस वक्त पैसा दिया गया जब लॉकडाउन था, पैसा जून में दिया गया और उन्हें जुलाई में सर्टिफिकेट मिला था | यह पैसा बालासाहेब थोराट के परमिशन से दिया गया, उस वक्त उनके शिवसेना में शामिल होने जैसी कोई चर्चा भी नहीं थी | महाराष्ट्र में महाविकाश अघाड़ी की सरकार थी, जो कांग्रेस की सहयोग वाली सरकार है | अब कुछ लोग इसे इशू बना रहे है, जब पैसा दिया गया तब कहा थे ये लोग।

इधर महाराष्ट्र कांग्रेस उर्मिला मातोंडकर पर आरोप लगा रही है कि उर्मिला मांतोडकर कांग्रेस पार्टी के पैसे को गलत तरीके से इस्तेमाल करते हुए सीएम रिलीफ फंड में दान दिया और शिवसेना में शामिल हुईं | कांग्रेस पार्टी ने पैसा उन्हें चुनाव लड़ने के लिए दिया था , जो भी पैसा बचा था वो पार्टी फण्ड में वापस आना चाहिए था |

गौरतलब है कि शिवसेना में शामिल होते ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रु उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नितृत्व वाली महाविकास अघाड़ी की सरकार ने उर्मिला मातोंडकर को एमएलसी के लिए भी हरी झंडी दिखा दी है | हालाँकि 12 एमएलसी के नामों की लिस्ट है jisamen उर्मिला मातोंडकर का भी नाम है और इस लिस्ट पर फाइनल अप्रूवल बाकी है | लेकिन सवाल ये है कि कॉंग्रेस का ये बवाल कांग्रेस से शिवसेना में शामिल हुयी उर्मिला के. जबरदस्ती वाली जबरदस्त पोलिटिकल आगाज़ पे ग्रहण लगा सकता है

| गौर करने वाली बात ये है कि महाराष्ट्र में नेत्री के लिहाज़ से कांग्रेस के लिए ये दूसरा झटका है इससे पहले कांग्रेस की तेज तर्रार वाचाल प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी भी शिवसेना में शामिल हो चुकी हैं |

By anita

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