छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी जैसे माफियाओं के डाक टिकट जारी होने के खुलासे से हड़कंप मच गया है। सुबह ही प्रधान डाकघर का फिलैटिली विभाग सील कर दिया गया। पोस्ट मास्टर जनरल ने उच्च स्तरीय जांच शुरू करा दी और प्राथमिक जांच के आधार पर एक जिम्मेदार को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच की जद में कई कर्मचारी और अधिकारी हैं। सोमवार के अंक में आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए यह खुलासा किया था।

‘हिन्दुस्तान’ ने ‘माई स्टैंप’ जैसी एक अच्छी योजना की कमजोरी इंगित करने के लिए यह स्टिंग ऑपरेशन किया था। जिसमें बिना जांच-पड़ताल और जरूरी दस्तावेज लिए दो माफियाओं के डाक टिकट जारी कर दिए गए। इनमें से एक मुन्ना बजरंगी की तो बागपत जेल में हत्या भी हो चुकी है। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन और पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी के नाम व फोटो वाला एक टिकट पांच रुपये का है। दोनों के 12-12  टिकट के दो सेट हैं।

यह खुलासा होते ही विभाग में खलबली मच गई है। पोस्ट मास्टर जनरल कानपुर परिक्षेत्र वीके वर्मा ने इसे गंभीर विभागीय चूक माना। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर प्रभारी रजनीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। अन्य कर्मचारियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। विभाग में माई स्टैंप टिकट के आवेदन फाइलों की जांच की जा रही है।

डाकघरों में अफरा-तफरी, उच्च स्तरीय जांच
‘हिन्दुस्तान’ में माफियाओं के डाक टिकट जारी होने का खुलासा होते ही प्रधान डाकघर ही नहीं बल्कि शहर के सभी डाकघरों मे अफरा-तफरी मच गई। तीसरी मंजिल पर स्थित फिलैटली दफ्तर नहीं खुला। 11 बजे तक कर्मचारी नहीं आए। अन्य सेवाएं भी कुछ देर के लिए अस्त-व्यस्त हो गईं। बाद में फिलैटली विभाग को खोला गया और माई स्टैम्प से जुड़ी फाइलों और दस्तावेजों को सीज कर दिया गया। अब एक-एक दस्तावेज की जांच की जा रही है। पूरे रिकार्ड का आडिट किया जा रहा है।

बिना आधार और व्यक्ति के आए हुए ही डाक टिकट कैसे जारी कर दिया गया, इसकी पड़ताल हो रही है। साथ ही मृत व्यक्ति का डाक टिकट कैसे बन गया, इसे भी गंभीर चूक माना गया है। माई स्टाम्प योजना में केवल जीवित व्यक्ति का ही टिकट बन सकता है। उसे खुद विभाग आना पड़ता है और वेबकैम के जरिए फोटो खींची जाती है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही डाक टिकट जारी किया जाता है। इस डाक टिकट का इस्तेमाल अन्य सामान्य डाक टिकट की तरह किया जा सकता है। यानी इसे लगाकर देश दुनिया में कहीं भी पत्राचार किया जा सकता है।

पूरे देश में कानपुर की चर्चा
इस साल में यह दूसरा मौका है जब पूरे देश में कानपुर की चर्चा रही। इससे पहले बिकरू कांड की वजह से महीनों कानपुर सुर्खियों में रहा। सोमवार को दो माफियाओं के डाक टिकट जारी होने की खबर छाई रही। सुबह से सोशल मीडिया पर यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। राजनीतिक दलों की बहसों में भी इसे जगह मिलने लगी।

माफियाओं के डाक टिकट बनना गंभीर मामला है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। इसकी जद में कई कर्मचारी हैं। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्राथमिक जांच के आधार पर एक को सस्पेंड किया गया है।

हिन्दुस्तान में छपी खबर पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर डाक सहायक फिलैटली प्रधान डाकघर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में कई कर्मचारियों के खिलाफ जांच की जा रही है।

By anita

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