अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में नवजात के शव को चूहों के द्वारा कुतरने पर राष्ट्रीय बाल अधिकारी संरक्षण आयोग गंभीर हो गया है। 30 दिन में जिला प्रशासन से मामले में अब तक की गई जांच रिपोर्ट तलब की है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी की ओर से डीएम चंद्रभूषण सिंह को पत्र जारी किया गया है। रजिस्ट्रार ने लिखा है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 के सेक्शन-14 के तहत न्यायालीय अधिकारों से संपन्न है। किसी शिकायत को याचिका के रूप में स्वीकार कर उसे 1908 के सिविल प्रोसिजर कोड के तहत न्यायालीय प्रक्रिया द्वारा सुनकर निर्णय दे सकता है। अनुराग ज्योति ने शिकायत की है कि ग्राम पिलखुनी निवासी सपना पत्नी राजेश को 22 नंबवर को अतरौली के रामघाट रोड स्थित कीर्ति हॉस्पिटल में पुत्री हुई थी। पहले बच्ची को स्वस्थ बताया गया था। एक घंटे बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया था। शव को अगले दिन गया जो कि बुरी तरह क्षत-विक्षित था, चूहों ने उसे नोचा हुआ था। इस मामले की जांच कराकर 30 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रेषित की जाए। चंद्रभूषण सिंह, डीएम का कहना है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण द्वारा कीर्ति अस्पताल के संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

बढ़ सकती हैं अस्पताल की मुश्किलें :
अतरौली के कीर्ति हॉस्पिटल में पिछले दिनों एक नवजात बच्ची के मुंह को चूहों द्वारा कुतरने का मामला सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इस मामले में तीन दिसंबर को डीएम के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुपम भास्कर द्वारा की गई जांच में अस्पताल प्रबंधन व स्टाफ को दोषी करार दिया जा चुका है। अब प्रबंधन व स्टाफ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। 

By anita

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