बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह को जदयू का नया अध्यक्ष चुना गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में जदयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आरसीपी सिंह आईएएस कैडर के सेवानिवृत पदाधिकारी भी हैं। साथ ही काफी दिनों से जदयू संगठन को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। 

बता दें कि जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय स्थित कपूर्री ठाकुर सभागार में रविवार को शुरू हुई। बैठक में तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और झारखंड से आए प्रतिनिधि भी शिरकत कर रहे हैं। बैठक शुरू होने से पूर्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें अरुणाचल प्रदेश का मुद्दा भी शामिल है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश का असर बिहार में नहीं होगा। जदयू के विधायक अरुणाचल में सरकार को समर्थन दे रहे थे इसके बाद भी ऐसी घटना हुई यह मंथन का विषय है। संजय झा ने विपक्षी पार्टी की ओर से इस मामले को लेकर निशाना साधे जाने पर कहा कि उनके पास इसके अलावा कोई काम नहीं रह गया है। विपक्ष सिर्फ सपना देखते रहे सरकार पांच साल तक मजबूती के साथ चलेगी। उन्होंने कहा कि इन पांच सालों में किसी के लिए कोई संभावना नहीं है।

वहीं, जदयू के वरिष्ठ नेता एवं विधायक श्रवण कुमार ने कहा कि कभी खुशी कभी गम का दौर आता रहता है। पार्टी पहले से इसका सामना करती रही है। उन्होंने कहा कि जदयू हर स्थिति से निपट लेगा। इससे पूर्व जदयू प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में भाजपा का जदयू के छह विधायकों को शामिल कराए जाने का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने कहा था कि भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार अरुणाचल प्रदेश में है, ऐसे में उसे इस तरह करना आवश्यक नहीं था।

इस बीच राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से ही कयास लगने शुरू हो गए थे कि आने वाले कुछ दिनों में पार्टी के अंदर बड़ा उलटफेर होगा। बता दें कि विधानसभा चुनाव में जदयू को 43 तो भाजपा को 74 सीटें मिली हैं। वहीं जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले पार्टी को अरुणाचल प्रदेश में बड़ा झटका लगा, जहां जदयू के सात में से छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए।

अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के बाद जदयू दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी। अप्रैल, 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में जदयू अकले मैदान में उतरा था। जदयू ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा और सात पर जीत हासिल की। चार पर वह दूसरे तो तीन पर तीसरे नंबर पर रहा था। वहीं एक सीट पर जदयू चौथे नंबर पर था। 60 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में भाजपा को 41, एनपीईपी को पांच और कांग्रेस को चार सीटें मिली थी। इस तरह जदयू वहां दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। प्रदेश की राजधानी ईटानगर में भी जदयू की जीत हुई थी। हालांकि, दूसरी बड़ी पार्टी रहने के बाद भी जदयू ने विपक्ष में बैठने के बजाय सरकार को बाहर से समर्थन दिया था। 

By anita

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